Uncategorized

जसोला DDA फ्लैटों में बड़ी-बड़ी दरारें, देखिए किन हालात में यहां खतरे में रह रहे हैं लोग

डीडीए फ्लैट में रहने वाले लोग लंबे समय से खुद को बेहद खतरे में महसूस कर रहे हैं। इसका कारण यह है कि कई फ्लैटों की बिल्डिंग के बीम में कई साल पहले दरारें आ चुकी हैं। कई फ्लैट की बिल्डिंग कमजोर हो गई हैं। 500 से अधिक फ्लैटों के मेंटिनेंस की जिम्मेदारी डीडीए की है। इसका चार्ज डीडीए ने शुरू में ही ले लिया था। आरोप है कि पिछले 4 साल से डीडीए को लगातार शिकायतें करने के बावजूद कोई एक्शन नहीं हुआ है।

प्रभावित लोगों ने बताया कि कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद 2010 में डीडीए फ्लैट आवंटित हुए थे। डीडीए ने उन सभी से मेंटिनेंस चार्ज नहीं लिया था। एमआईजी, एलआईजी श्रेणी के पॉकेट-10बी (330 फ्लैट) और पॉकेट-12 (187 फ्लैट) आदि के फ्लैट मालिकों से मेंटिनेंस चार्ज लिया गया था। चार्ज की दर फ्लैट के लागत मूल्य का 10 से 15 फीसदी थी।पॉकेट 10 बी आरडब्ल्यूए के महासचिव बीके पिल्लई ने बताया कि पिछले 13 साल में डीडीए ने एक बार भी मेंटिनेंस का कोई काम नहीं किया है। आवंटन के कुछ साल बाद ही फ्लैट की दीवारों के प्लास्टर झड़ने लगे थे। कई फ्लैटों के छज्जे टूट गए हैं। आरडब्ल्यू ने 2019 से पहले से डीडीए को लिखित रूप में शिकायत भेजना शुरू किया था। यह सिलसिला आज तक जारी है। प्रभावित लोगों ने बताया कि बरसात में फ्लैटों में सीलन की शिकायत आना आम बात हो गई है। कई फ्लैटों के लेंटर तक कमजोर हो चुके हैं। किसी भी दिन जान-माल का बड़ा हादसा हो सकता है।डीडीए के प्रवक्ता के अनुसार, पहली नजर में देखने पर लगता है कि फ्लैट की बिल्डिंगों को नुकसान उनकी छतों से पानी के ओवरफ्लो होने के कारण हुआ है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इस पर तुरंत ध्यान दिए जाने की जरूरत है। बिल्डिंगों के नुकसान और संभावित सुरक्षा खतरों को रोकने के लिए डीडीए ने मरम्मत कार्य की योजना बनाई है। मरम्मत कार्य के दौरान सुरक्षा सावधानियां बरती जाएगी।

ऐसे होनी थी मेंटिनेंस

फ्लैट खरीदारों से हुए समझौते के तहत 30 साल तक डीडीए फ्लैटों की मेंटिनेंस करेगा, जो इस प्रकार है – 2 साल में एक बार मडफसका (छत +ममटी)। 3 साल में एक बार सफेदी, प्लास्टर, रेलिंग। 5 साल में एक बार फर्श (सीढ़ियां और संयुक्त क्षेत्र)। 10 साल में एक बार ग्रिट वॉश करना है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button