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‘सीएम हेमंत सोरेन का जादू बरकरार’!

झारखंड में डुमरी विधानसभा उपचुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) प्रत्याशी बेबी देवी को बड़ी जीत मिली। प्रारंभ में कुछ राउंड तक पिछड़ने के बावजूद अंतिम के दस राउंड में बेबी देवी लगातार बढ़त बनाते चली गई। पूर्व मंत्री जगरनाथ महतो के निधन के बाद उनकी पत्नी बेबी देवी को सीएम हेमंत सोरेन ने 4 जुलाई को मंत्री बनाया था। 8वीं पास बेबी देवी को उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अब दो महीने बाद उपचुनाव में बेबी देवी 17 हजार 153 वोट से चुनाव में विजयी रहीं।

पहले राउंड में पिछड़ने के बाद 15वें राउंड से बेबी देवी मिली बढ़त

डुमरी विधानसभा उपचुनाव के लिए 5 सितंबर को मतदान के बाद शुक्रवार सुबह आठ बजे से कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना शुरू हुई। पहले ही राउंड में मंत्री बेबी देवी के करीब एक हजार वोट से पिछड़ने के बाद मुकाबला दिलचस्प बन गया। लेकिन दूसरे से चौथे राउंड तक बेबी देवी आजसू पार्टी की यशोदा देवी से आगे रही। इसके बाद बीजेपी समर्थित एनडीए प्रत्याशी 5वें से लेकर 14वें राउंड तक लगातार बेबी देवी से आगे रहीं। लेकिन 15वें राउंड में बेबी देवी ने फिर से बढ़त बनाना शुरू किया और 24 राउंड पूरा होने पर 17 हजार से अधिक वोट से विजयीं रहीं।

बीजेपी का साथ मिलने से आजसू पार्टी ने दी कड़ी टक्कर

वर्ष 2019 के चुनाव में पूर्व मंत्री जगरनाथ महतो ने आजसू पार्टी की यशोदा देवी को 35 हजार से अधिक वोट से पराजित किया था। उस चुनाव में बीजेपी और आजसू पार्टी के अलग-अलग चुनाव लड़ने के कारण जगरनाथ महतो की राह आसान हो गई थी। लेकिन इस चुनाव में बीजेपी-आजसू के मिलकर चुनाव लड़ने से जेएमएम प्रत्याशी बेबी देवी को कड़ी टक्कर मिली। इस चुनाव में यशोदा देवी के साथ ही बेबी देवी के वोट में बढ़ोतरी हुई, परंतु जीत का अंतर थोड़ा कम हो गया।

एआईएमआईएम प्रत्याशी को नोटा से कम वोट मिले

एआईएमआईएम प्रत्याशी अब्दुल मोबिन रिजवी के चुनाव मैदान में उतरने से राजनीतिक विश्लेषकों को उम्मीद थी कि इससे जेएमएम प्रत्याशी को नुकसान होगा। लेकिन वर्ष 2019 के चुनाव की अपेक्षा इस बार के चुनाव में एआईएमआईएम प्रत्याशी को नोटा से कम वोट मिले। 23वें राउंड तक नोटा को 3596 वोट मिले, तो एआईएमआईएम प्रत्याशी को 3462 वोट मिले।

बेबी देवी को मंत्री बनाने से मिला फायदा

अप्रैल महीने में पूर्व शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो के निधन के बाद 4 जुलाई 2023 को बेबी देवी को मंत्री बनाया गया। जिसके साथ ही यह तय हो गया कि इस उपचुनाव में जगरनाथ महतो की पत्नी बेबी देवी ही जेएमएम प्रत्याशी होंगी। जगरनाथ महतो के दोनों पुत्र विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए उम्र की अर्हता पूरी करने में असमर्थ थे, इस कारण सीएम हेमंत सोरेन ने बेबी देवी को ही मंत्री बनाया और फिर उपचुनाव में मैदान में उतारा।

सीएम हेमंत सोरेन की चुनावी सभा और रोड शो का दिखा असर

डुमरी विधानसभा क्षेत्र से पिछले चार बार से जगरनाथ महतो लगातार चुन कर आ रहे थे, लेकिन अचानक उनकी मौत से जेएमएम को डुमरी का किला बचाये रखने के लिए काफी जद्दोजहद करना पड़ा। सीएम हेमंत सोरेन ने खुद पूरे चुनाव की कमान संभाली। उन्होंने पांच चुनावी सभा को संबोधित किया और चुनाव प्रचार समाप्त होने के कुछ घंटे पहले डुमरी में 12 किलोमीटर दूरी तय कर रोड शो कर कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाने का काम किया।

रामगढ़ छोड़ कर 5 उपचुनाव में जेएमएम-कांग्रेस को सफलता

वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद अब तक राज्य में छह विधानसभा उपचुनाव हुए। सबसे पहले सीएम हेमंत सोरेन ने दो सीटों पर विजयी होने के बाद दुमका सीट से त्यागपत्र दिया था, जिसमें उनके छोटे भाई बसंत सोरेन की जीत हुई। दूसरा उपचुनाव मधुपुर का हुआ। मंत्री हाजी हुसैन अंसारी के निधन के बाद उनके पुत्र हफीजुल हसन को मंत्री बनाया गया। बाद में मधुपुर से पार्टी ने उम्मीदवार बनाया और जेएमएम उम्मीदवार के रूप में हफीजुल अंसारी ने जीत कर विधानसभा चुनाव पहुंचे। इसके बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेंद्र प्रसाद सिंह के निधन के बाद उनके पुत्र कुमार जयमंगल सिंह उर्फ अनूप सिंह बेरमो विधानसभा उपचुनाव में विजयी रहे। इसके बाद मांडर के विधायक बंधु तिर्की की विधानसभा सदस्यता खत्म हुई, तो उपचुनाव में उनकी बेटी शिल्पी नेहा तिर्की कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में सफल रहीं। कांग्रेस की ही ममता देवी की विधानसभा सदस्यता रामगढ़ उपचुनाव भी हुआ। रामगढ़ में आजसू पार्टी की सुनीता चौधरी को जीत मिली। यह एनडीए की पहली जीत और जेएमएम-कांग्रेस की पहली हार थी। अब डुमरी में फिर से जेएमएम प्रत्याशी की जीत हुई।

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