अमेरिकी टैरिफ से भारतीय निर्यात पर असर, 9 अप्रैल को वाणिज्य मंत्री करेंगे अहम बैठक.
नई दिल्ली: अमेरिका द्वारा लगाए गए 26% अतिरिक्त टैरिफ से भारतीय निर्यातकों को होने वाली दिक्कतों को लेकर केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 9 अप्रैल को अहम बैठक करने वाले हैं।
यह बैठक बुधवार को दिल्ली में आयोजित होगी।
बैठक में वाणिज्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और निर्यात संवर्धन परिषदों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
FIEO (भारतीय निर्यात संगठन महासंघ) के सदस्य भी बैठक में हिस्सा लेंगे।
अमेरिका द्वारा लगाए गए नए टैरिफ भारतीय व्यापार पर बड़ा असर डाल सकते हैं।
टैरिफ का असर मई से दिखने की संभावना जताई जा रही है।
निर्यातकों ने सरकार से विशेष रूप से MSME सेक्टर को राहत देने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि सरकार को वित्तीय प्रोत्साहन पैकेज पर विचार करना चाहिए।
बढ़े हुए शुल्क से अमेरिकी बाजार में मांग में गिरावट आ सकती है।
इसका असर केवल भारत ही नहीं, अन्य देशों के निर्यात पर भी पड़ेगा।
निर्यातकों ने कहा कि यह महंगाई को भी बढ़ा सकता है।
बैठक में आगामी रणनीति पर विचार किया जाएगा।
अमेरिका भारत के लिए एक बड़ा निर्यात बाजार है।
व्यापारिक संगठनों ने इस टैरिफ को ‘चिंताजनक’ बताया है।
सरकार वैकल्पिक बाजारों पर भी विचार कर सकती है।
MSME सेक्टर पहले से ही कई चुनौतियों से जूझ रहा है।
वाणिज्य मंत्रालय इस मुद्दे पर सक्रिय रूप से काम कर रहा है।
कुछ क्षेत्रों में ऑर्डर पहले ही घटने शुरू हो गए हैं।
डिजिटल और टेक आधारित उत्पादों पर भी असर दिख सकता है।
निर्यातकों को लॉजिस्टिक और फाइनेंस में राहत की दरकार है।
आने वाले दिनों में भारत की रणनीति वैश्विक व्यापार में अहम भूमिका निभाएगी।



