मुंबई: स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर कथित तौर पर “देशद्रोही” तंज कसने के लिए शहर की पुलिस द्वारा उनके खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर को रद्द करने की मांग करते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया है।
कामरा ने 5 अप्रैल को उच्च न्यायालय में याचिका दायर की।
उनकी याचिका में दावा किया गया है कि उनके खिलाफ शिकायतें भारत के संविधान के तहत गारंटीकृत भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, किसी भी पेशे और व्यवसाय का अभ्यास करने का अधिकार और जीवन और स्वतंत्रता के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करती हैं। अधिवक्ता मीनाज़ काकालिया के माध्यम से दायर की गई इस याचिका पर 21 अप्रैल को न्यायमूर्ति सारंग कोतवाल की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष सुनवाई होने की संभावना है।
कामरा का तर्क है कि उनके द्वारा की गई टिप्पणियाँ व्यंग्य और हास्य के दायरे में आती हैं और इन्हें आपराधिक कृत्य नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने अपनी याचिका में कहा है कि पुलिस ने बिना किसी वैध कारण के उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
इस मामले ने भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और हास्य के दायरे पर बहस को फिर से जन्म दिया है। कई कलाकारों और नागरिकों ने कामरा के समर्थन में आवाज उठाई है, जबकि अन्य ने उनकी टिप्पणियों की आलोचना की है। अदालत का फैसला इस मामले में एक महत्वपूर्ण मिसाल कायम करेगा।


