इस अवसर पर मुख्यमंत्री सहित कई गणमान्य लोग, राजनीतिक नेता, धार्मिक गुरु और समाजसेवी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सौहार्द, भाईचारे और एकता का अनूठा संदेश देखने को मिला।
रमजान की मुबारकबाद और दुआएं
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर सभी रोजेदारों को रमजान की बधाई देते हुए कहा कि यह पाक महीना इंसानियत, सद्भाव और प्रेम का संदेश देता है। उन्होंने कहा, “मैं अल्लाह से प्रार्थना करता हूँ कि यह रमजान सभी के जीवन में खुशहाली और समृद्धि लेकर आए। सभी स्वस्थ और सुरक्षित रहें, यही मेरी दुआ है।”
राजनीतिक और धार्मिक हस्तियों की मौजूदगी
दावत-ए-इफ्तार में राज्य के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और धार्मिक गुरुओं ने शिरकत की। सभी ने मिलकर इफ्तार किया और समाज में आपसी प्रेम और भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प लिया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे आयोजन न केवल धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हैं, बल्कि समाज में सौहार्द को भी बढ़ावा देते हैं।
साझा संस्कृति और भाईचारे का प्रतीक
कार्यक्रम में पारंपरिक इफ्तार व्यंजनों का आयोजन किया गया था, जिसमें खजूर, फल, शरबत, पकौड़े, समोसे और अन्य पारंपरिक व्यंजन शामिल थे। नमाज अदा करने के बाद सभी मेहमानों ने मुख्यमंत्री के साथ संवाद किया और रमजान के महत्व पर चर्चा की।
सामाजिक समरसता का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों का संगम है, जहां सभी त्योहारों को मिलजुलकर मनाने की परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन इसी परंपरा को और मजबूत करने का एक प्रयास है।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री आवास में आयोजित दावत-ए-इफ्तार ने यह साबित किया कि धार्मिक आयोजन केवल आस्था से जुड़ाव का ही नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, शांति और सौहार्द को बढ़ाने का भी जरिया हैं। इस कार्यक्रम ने राज्य में भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब को और मजबूती देने का काम किया।



