उन्होंने ओम (ॐ) चुनाव चिन्ह के साथ चुनाव लड़ा और 116 मत हासिल कर अपने निकटतम प्रतिद्वंदी को एक वोट से हराया। यह चुनाव हजारीबाग में रामनवमी की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा था, जिसमें विभिन्न प्रत्याशियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला।
कांटे की टक्कर में बसंत यादव की जीत
रामनवमी महासमिति के चुनाव में कुल 238 मत पड़े। चार प्रत्याशी मैदान में थे, और अंत तक मुकाबला दिलचस्प बना रहा। मतगणना के बाद नतीजे कुछ इस प्रकार रहे:
बसंत यादव – 116 वोट
विशाल वाल्मीकि – 61 वोट
दिलीप गोप – 30 वोट
मीत यादव – 15 वोट
बसंत यादव ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी विशाल वाल्मीकि को मात्र एक वोट से हराया, जिससे यह चुनाव और भी रोचक बन गया।
पिछले अध्यक्ष जीतू यादव का समर्थन रहा अहम
रामनवमी महासमिति के पिछले अध्यक्ष जीतू यादव ने चुनाव से पहले ही बसंत यादव को समर्थन देने की घोषणा की थी। माना जा रहा है कि उनके समर्थन ने बसंत यादव की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जीतू यादव का महासमिति में प्रभाव रहा है, और उनके फैसले का असर मतदाताओं पर भी पड़ा।
बसंत यादव ने जताया आभार
चुनाव जीतने के बाद बसंत यादव ने सभी मतदाताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “मैं सभी सदस्यों का धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने मुझ पर विश्वास जताया। रामनवमी के आयोजन को और भव्य बनाने के लिए पूरी ईमानदारी से काम करूंगा और समिति को आगे बढ़ाने का प्रयास करूंगा।”
रामनवमी की तैयारियों पर रहेगा फोकस
अब नई समिति के सामने सबसे बड़ी चुनौती रामनवमी के सफल आयोजन की होगी। अध्यक्ष चुने जाने के बाद बसंत यादव ने कहा कि वे समिति के सभी सदस्यों के साथ मिलकर बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने सभी से मिलकर काम करने की अपील की, ताकि आने वाले त्योहार को शांतिपूर्ण और भव्य तरीके से मनाया जा सके।
रामनवमी महासमिति के इस चुनाव के नतीजे ने हजारीबाग में चर्चा को तेज कर दिया है। अब सभी की नजरें बसंत यादव की अगुवाई में होने वाले रामनवमी आयोजन पर टिकी हैं।



