इस मामले में पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर हिंसा भड़काने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप है।
क्या था मामला?
कुछ दिन पहले उरीमारी में अचानक तनाव की स्थिति बन गई थी, जब दो गुटों के बीच विवाद के बाद फायरिंग और आगजनी की घटनाएं हुईं। गुस्साए लोगों ने कई दुकानों और वाहनों को आग के हवाले कर दिया था, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने इलाके में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर दी थी।
पुलिस जांच में बड़ा खुलासा
पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि घटना के पीछे आपसी रंजिश और असामाजिक तत्वों की साजिश थी। सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयान के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें कुछ लोग पहले से ही आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि यह घटना पूरी तरह से सुनियोजित थी। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ में यह भी पता चला कि उन्होंने माहौल खराब करने के लिए आगजनी और फायरिंग को अंजाम दिया। कुछ अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है, और पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इलाके में बढ़ी सुरक्षा
घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं। लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। पुलिस लगातार गश्त कर रही है, ताकि किसी भी तरह की अफवाहें न फैलें और माहौल शांतिपूर्ण बना रहे।
प्रशासन ने की कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि उपद्रव फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
फिलहाल, उरीमारी में माहौल धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह सतर्क है ताकि फिर से कोई अप्रिय घटना न हो।



