मृतक अधिकारी की पहचान 48 वर्षीय लेफ्टिनेंट कर्नल के रूप में की गई है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि वे डिप्रेशन से जूझ रहे थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
घटना का विवरण
घटना सोमवार सुबह की है। खेलगांव हाउसिंग कॉम्प्लेक्स के पार्किंग एरिया में कुछ स्थानीय निवासियों ने एक व्यक्ति को अचेत अवस्था में पड़ा देखा। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया कि व्यक्ति की मौत हो चुकी थी। बाद में उसकी पहचान लेफ्टिनेंट कर्नल के रूप में हुई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
डिप्रेशन से जूझ रहे थे अधिकारी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मृतक अधिकारी पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में थे। परिवार के सदस्यों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि वे व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन से जुड़ी समस्याओं के कारण डिप्रेशन का सामना कर रहे थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने हाल ही में अपने कुछ नजदीकी दोस्तों से भी अपने तनाव को लेकर बात की थी।
पुलिस की जांच जारी
पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, लेकिन अधिकारी के मोबाइल फोन और अन्य निजी सामानों को जब्त कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।
सेना के अधिकारियों ने जताया दुख
इस घटना के बाद सेना के अधिकारियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि लेफ्टिनेंट कर्नल एक अनुशासित और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी थे। उनकी मौत से सेना को बड़ी क्षति हुई है। अधिकारी ने कहा कि सेना मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर है और इससे जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मानसिक स्वास्थ्य को लेकर बढ़ती चिंता
इस घटना ने एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को उजागर किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसिक तनाव और डिप्रेशन के मामलों को गंभीरता से लेना जरूरी है। झारखंड सरकार ने भी इस घटना को गंभीरता से लिया है और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की बात कही है।



