इस हिंसा के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को जिम्मेदार ठहराया है। होली के दिन जुलूस के दौरान हुए टकराव ने स्थिति को तनावपूर्ण बना दिया, जिसके बाद पुलिस ने सख्ती से कार्रवाई की और कई लोगों को गिरफ्तार किया गया।
हिंसा की शुरुआत कैसे हुई
घटना होली के दिन गिरिडीह के एक संवेदनशील इलाके में हुई। होली का जुलूस निकालने के दौरान दो पक्षों के बीच किसी बात को लेकर बहस हो गई। देखते ही देखते यह बहस झड़प में बदल गई और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पथराव शुरू कर दिया। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को स्थिति पर काबू पाने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। इस झड़प में कई लोग घायल हो गए, जबकि कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया।
झामुमो ने बीजेपी पर साधा निशाना
घटना के बाद झामुमो नेताओं ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला। झामुमो का आरोप है कि बीजेपी ने सांप्रदायिक माहौल को भड़काने के लिए इस घटना को अंजाम दिया। झामुमो के वरिष्ठ नेता और मंत्री ने कहा कि बीजेपी की “विभाजनकारी नीति” के कारण ही झारखंड जैसे शांतिप्रिय राज्य में इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी प्रदेश में सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाने की साजिश रच रही है।
बीजेपी ने किया पलटवार
वहीं, बीजेपी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। बीजेपी नेताओं ने कहा कि झामुमो अपनी नाकामी छिपाने के लिए बेबुनियाद आरोप लगा रही है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्य सरकार कानून व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह विफल रही है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
प्रशासन ने स्थिति को किया नियंत्रित
घटना के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए। पुलिस ने अब तक 22 लोगों को गिरफ्तार किया है और मामले की जांच जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
स्थानीय लोग डरे हुए
हिंसा के बाद से इलाके के लोग डरे हुए हैं। हालांकि, प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि दोषियों को जल्द ही सजा मिलेगी और इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी।



