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फरार फराह पर शिकंजा:3 साल तक कमांडो सिक्योरिटी देते रहे इमरान; 400 करोड़ रुपए के करप्शन मामले में जांच शुरू

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर उनकी पत्नी की दोस्त फराह खान और उनके पति को तीन साल तक कमांडो सुरक्षा देने का आरोप लगा है। सत्ता में आने के फौरन बाद फराह खान को इमरान ने सरकारी सुरक्षा मुहैया करा दी थी। फराह इमरान की तीसरी पत्नी बुशरा बीबी की सबसे करीबी दोस्त है। अब फराह पर एंटी-करप्शन ब्यूरो का शिकंजा कसने लगा है। रिपोर्ट के मुताबिक 400 करोड़ के करप्शन की बात अब तक सामने आ चुकी है।पंजाब पुलिस के एक अधिकारी ने बताया- इमरान के प्रधानमंत्री बनने के एक महीने बाद सितंबर 2018 में फराह खान को कमांडो सिक्योरिटी दे दी गई थी। मेरी ड्यूटी भी फराह के घर की ड्यूटी लगाई गई थी। लेकिन पिछले महीने रमजान के पहले दिन इस सुरक्षा को वापस ले लिया गया था। तब इमरान की कुर्सी जा चुकी थी।

तीन शिफ्ट में लगाई जाती थी ड्यूटी

अधिकारी ने आगे कहा- हमें आदेश था। घर के बाहर 24 घंटे सिक्योरिटी गार्ड मौजूद रहने चाहिए। सुरक्षा में किसी तरह की कोई कमी न रहे। इसके लिए हमारी आठ घंटे की कुल तीन शिफ्ट लगाई गईं थी।

एक दूसरे अधिकारी ने कहा- हमें बस इतना पता था कि इस घर में चीफ मिनिस्टर के सेक्रेटरी रहते हैं। इसलिए सुरक्षा के इतने कड़े इंतजाम किये गए हैं। लेकिन सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस आयाशा भट्ट का इस मामले पर कुछ और ही कहना है। उन्होंने कहा मैंने कभी किसी की ड्यूटी फराह के घर नहीं लगाई। मेरा इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है।

अप्रैल में शुरू की गई थी जांच

पाकिस्तान के एंटी करप्शन ब्यूरो नेशनल अकाउंटेबिलिटी (NAB) ने अप्रैल में फराह की अचानक और बेतहाशा बढ़ती सम्पत्ति के खिलाफ जांच शुरू कर दी थी। हालांकि, खुद इमरान पिछले दिनों एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में फराह का बचाव करते नजर आए थे। खान ने कहा था- फराह पर करप्शन का चार्ज कैसे लगाया जा रहा है? जबकि वो न तो सरकार का हिस्सा हैं और न ही सरकारी मुलाजिम। वो रियल एस्टेट में 20 साल से में जानी-मानी शख्सियत हैं।

सिक्योरिटी देने पर बोले इमरान

फराह को सिक्योरिटी देने की बात पर इमरान ने कहा- जहां तक उन्हें सिक्योरिटी मुहैया कराने की बात है, तो रूल बुक के मुताबिक VVIP, चीफ सिक्योरिटी या कमिश्नर, मुख्यमंत्री और राष्ट्रपति जैसे लोगों को सुरक्षा दी जा सकती है।

अब इमरान की बात मान भी लें तो सवाल यह उठता है कि फराह तो इनमें से किसी भी कैटेगरी में नहीं आतीं। फिर उन्हें यह सिक्योरिटी क्यों और किसके कहने पर दी गई।

इधर सरकार गिरी, उधर फराह भी गायब

फराह पाकिस्तान से फरार हैं। उनके पति अहसन जमील गुज्जर पहले ही मुल्क छोड़कर दुबई जा चुके हैं। खास बात यह है कि फराह और जमील ने तब मुल्क छोड़ा जब इमरान की सरकार का गिरना तय हो गया था और संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद वोटिंग कराई गई थी। माना जा रहा है कि जल्द ही अहसन जमील पाकिस्तान लौट सकते हैं। हालंकि इसकी संभावना कम ही है। क्योंकि उनके लौटते ही उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है।

SOURCE-DAINIK BHASKAR

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