ACCIDENTStates

तिरुपति अस्पताल में जीबीएस के 12 मामले दर्ज.

तिरुुपति के एक अस्पताल में जीबीएस (गुइलेन-बैरे सिंड्रोम) के 12 मामले सामने आए हैं।

अकेले फरवरी में ही, संस्थान के न्यूरोलॉजी विभाग में जीबीएस के 17 संदिग्ध मरीजों को भर्ती कराया गया था। इनमें से पांच मरीज ठीक होने के बाद डिस्चार्ज हो गए हैं।

यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है?

यह खबर जीबीएस के बढ़ते मामलों के बारे में चिंता पैदा करती है और लोगों को इस बीमारी के बारे में जागरूक रहने की आवश्यकता को दर्शाती है।

मुख्य बातें:

  • तिरुपति के एक अस्पताल में जीबीएस के 12 मामले दर्ज किए गए हैं।
  • फरवरी में 17 संदिग्ध मरीजों को भर्ती कराया गया था।
  • 5 मरीज ठीक होने के बाद डिस्चार्ज हो गए हैं।

यह खबर हमें क्या बताती है?

यह खबर हमें बताती है कि जीबीएस एक गंभीर बीमारी है और इसके बारे में जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है। हमें इस बीमारी के लक्षणों को जानने और समय पर इलाज कराने की आवश्यकता है।

जीबीएस क्या है?

जीबीएस एक दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अपनी ही तंत्रिका कोशिकाओं पर हमला करने लगती है। इससे मांसपेशियों में कमजोरी और लकवा हो सकता है।

जीबीएस के लक्षण:

  • मांसपेशियों में कमजोरी
  • चलने में कठिनाई
  • सुन्नता या झुनझुनी
  • थकान

जीबीएस का इलाज:

जीबीएस का कोई इलाज नहीं है, लेकिन प्लाज्मा एक्सचेंज और इम्युनोग्लोबुलिन थेरेपी जैसे उपचार लक्षणों को कम करने और रिकवरी में तेजी लाने में मदद कर सकते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button