केंद्र सरकार ने यह ऋण अपनी पूंजी निवेश योजना के तहत दिया है। हालांकि, इस ऋण के साथ एक शर्त भी जुड़ी हुई है। केंद्र सरकार ने कहा है कि इस राशि का उपयोग 31 मार्च, 2025 तक किया जाना चाहिए।
केंद्र सरकार के इस फैसले का मतलब है कि केरल सरकार को अब इस राशि को जल्द से जल्द खर्च करना होगा। केंद्र सरकार ने कहा है कि जारी की गई राशि को 10 कार्य दिवसों के भीतर कार्यान्वयन एजेंसियों को भेजा जाना आवश्यक है। अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो राज्य सरकार को केंद्र सरकार को ब्याज देना होगा।
यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है? यह खबर वायनाड के लोगों के लिए राहत की खबर है। इस ऋण से वायनाड में भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों का पुनर्निर्माण किया जा सकेगा। हालांकि, इस ऋण के साथ जुड़ी शर्तें केरल सरकार के लिए एक चुनौती भी हैं। राज्य सरकार को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि यह राशि समय पर खर्च की जाए।



