क्रिकेट की दुनिया का वो बादशाह, जिसे जबरदस्ती रिटायर करने पर तुला है क्रिकेट बोर्ड
जिस उम्र में अधिकतर खिलाड़ी रिटायरमेंट लेकर कोचिंग या कॉमेंट्री शुरू कर देते हैं उस उम्र में फाफ डु प्लेसिस रनों का अंबार लगा रहे हैं। IPL में चोट के बावजूद इस अंदाज में गेंदबाजों की धुनाई करते नजर आए वह हैरान करने वाला था। 700 से अधिक रन ठोके और खुद के दम पर टीम को कई मैच जितवाए। बावजूद इसके आज ही के दिन 1984 में जन्मे इस खिलाड़ी को उनका क्रिकेट बोर्ड इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायर करने पर तुला हुआ है।
रिटायरमेंट के लिए किया जा रहा मजबूर
क्रिकेट की दुनिया बड़े कम ऐसे क्रिकेटर हुए जो हर फॉर्मेट में पूरी तरह फिट बैठते हों। यह भी कहा जा सकता है कि अगर किसी टीम के पास ऐसा खिलाड़ी हो तो वो उसे पलकों पर बिछाकर रखता है। समय के साथ अगर खिलाड़ी एक फॉर्मेट छोड़ता भी है तो बाकी तीन फॉर्मेट में उसके अनुभव और क्षमता का फायदा टीमें उठाने में कोई कसर नहीं छोड़ती हैं। वहीं दूसरी ओर, कहा जाता है कि क्रिकेट में पॉलिटिक्स की कोई जगह नहीं है, लेकिन यह सच से काफी परे है। यही वजह है कि कभी दमदार कप्तान रहे फाफ डु प्लेसिस को आज रिटायरमेंट के लिए मजबूर किया जा रहा है।
टेस्ट से संन्यास क्या लिया कप्तान का करियर की खराब कर दिया गया
अब साउथ अफ्रीका के ही एक खिलाड़ी को ले लीजिए। वह फ्रेंचाइजी क्रिकेट में रनों का अंबार लगा रहे हैं, लेकिन इंटरनेशनल टीम ने टेस्ट से संन्यास के बाद टी-20 और वनडे में मौका ही नहीं दिया। जी हां, यहां हम बात कर रहे हैं फाफ डु प्लेसिस की। फरवरी, 2021 में टेस्ट से रिटायरमेंट लिया, जबकि टी-20 और वनडे खेलने के लिए रास्ते खोले रखे, लेकिन न जाने क्यों साउथ अफ्रीका ने उनकी ओर देखा तक नहीं।
रनों का अंबार, लेकिन नहीं पिछल रहा साउथ अफ्रीका का दिल
आज 39 वर्ष हो चुके फाफ डु प्लेसिस फ्रेंचाइजी क्रिकेट में लगातार रनों का अंबार लगा रहे हैं, लेकिन साउथ अफ्रीका ने टी-20 वर्ल्ड कप 2021 और 2022 दोनों ही महासमर के लिए चुनी गई टीम से उन्हें बाहर रखा। यही नहीं, इसकी वजह भी नहीं बताई गई। टीम के लंबे समय तक कप्तान रहे फाफ को बेइज्जत किया गया, जबकि कई ऐसे अयोग्य खिलाड़ी टीम का हिस्सा हैं, जिन्हें शायद भारतीय क्रिकेट बोर्ड होता तो जूनियर टीम में भी शामिल नहीं किया जाता।




