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ग्राम न्यायालयों के लिए फंड में कमी, लोगों को न्याय मिलने में मुश्किलें
देश में ग्रामीण क्षेत्रों में न्याय पहुंचाने के लिए बनाए गए ग्राम न्यायालयों को मिलने वाले फंड में कमी देखी जा रही है।
केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के मुताबिक, प्रत्येक ग्राम न्यायालय को एक बार में 18 लाख रुपये दिए जाते हैं, लेकिन अब इस राशि में कटौती की जा रही है।
क्यों है यह चिंता का विषय?
ग्राम न्यायालयों का उद्देश्य लोगों को उनके घर के नजदीक न्याय उपलब्ध कराना है। लेकिन फंड की कमी से इन न्यायालयों का कामकाज प्रभावित हो रहा है। न्यायालयों में आवश्यक सुविधाओं की कमी के कारण लोगों को न्याय पाने में मुश्किलें हो रही हैं।
क्या हैं चुनौतियां?
- अधिकारियों की कमी: कई ग्राम न्यायालयों में पर्याप्त संख्या में अधिकारी नहीं हैं।
- बुनियादी सुविधाओं का अभाव: कई न्यायालयों में बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी है।
- जागरूकता का अभाव: ग्रामीण लोगों को ग्राम न्यायालयों के बारे में पूरी जानकारी नहीं है।
क्या किया जाना चाहिए?
- फंड में वृद्धि: ग्राम न्यायालयों को पर्याप्त फंड उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
- अधिकारियों की नियुक्ति: ग्राम न्यायालयों में पर्याप्त संख्या में अधिकारियों की नियुक्ति की जानी चाहिए।
- बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना: ग्राम न्यायालयों में बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
- जागरूकता अभियान: ग्रामीण लोगों को ग्राम न्यायालयों के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए।


