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UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2020 के लिए भ्रामक विज्ञापन देने पर कोचिंग सेंटर पर 3 लाख रुपये का जुर्माना.

नई दिल्ली: केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) सिविल सेवा परीक्षा 2020 के परिणामों के संबंध में कथित रूप से भ्रामक दावों का विज्ञापन करने के लिए विजन आईएएस कोचिंग पर 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

सीसीपीए ने अपनी जांच में पाया कि संस्‍था ने सफल उम्मीदवारों के नाम और तस्वीरों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया। हालांकि, यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2020 में उक्त सफल उम्मीदवारों द्वारा चुने गए पाठ्यक्रम के संबंध में जानकारी उपर्युक्त विज्ञापन में प्रकट नहीं की गई थी। सीसीपीए का ये निर्णय उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा और संवर्धन के लिए लिया गया था।

विजन आईएएस ने अपने विज्ञापन में निम्नलिखित दावा किया है, जिसकी जांच केंद्रीय उपभोक्‍ता संरक्षण प्राधिकरण ने किया है। दरअसल “विजन आईएएस के विभिन्न कार्यक्रमों से सीएसई 2020 में शीर्ष 10 चयनों में 10” का दावा किया था। उल्‍लेखनीय है कि विजन आईएएस यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा के लिए भारत का प्रमुख शोध और प्रशिक्षण संस्थान है। यह संस्‍था युवाओं को ऑफलाइन और ऑनलाइन सामान्य अध्ययन के लिए फाउंडेशन कोर्स की तैयारी कराता है।  

सीसीपीए ने अपनी जांच में पाया कि संस्था ने जानबूझकर यह बात छिपाई कि उनके अधिकतर सफल अभ्यर्थियों ने केवल इंटरव्यू गाइडेंस प्रोग्राम में रजिस्ट्रेशन कराया था, जिससे उनके अन्य कोर्सेज की प्रभावशीलता के बारे में भ्रामक धारणा बनी।  

सीसीपीए का ये निर्णय उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा और संवर्धन के लिए लिया गया था। यह सुनिश्चित करने के लिए कि किसी भी वस्तु या सेवा का कोई गलत या भ्रामक विज्ञापन न किया जाए, जो उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के प्रावधानों का उल्लंघन करता हो।  

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