रेलवे कर्मचारी संघ बजट 2025 से नाखुश, निजीकरण की चिंता.
नई दिल्ली: केंद्रीय बजट 2025 में रेलवे कर्मचारियों के लिए कोई खास घोषणा नहीं होने से रेलवे कर्मचारी संघ काफी नाराज हैं।
राष्ट्रीय भारतीय रेलवे कर्मचारी महासंघ का मानना है कि सरकार रेलवे में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने की ओर अग्रसर है।
कर्मचारियों की चिंताएं
कर्मचारी संघ का कहना है कि सरकार ने रेलवे के आधुनिकीकरण और नई परियोजनाओं के लिए कोई ठोस योजना पेश नहीं की है। इसके अलावा, बजट में रेलवे कर्मचारियों की भर्ती या स्थायी रोजगार के अवसरों पर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की गई है। संघ का मानना है कि सरकार रेलवे के घाटे को कम करने के लिए खर्चों में कटौती कर रही है, जिससे कर्मचारियों की सुरक्षा और यात्री सुविधाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
सरकार की नीति पर सवाल
संघ ने सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा है कि सरकार रेलवे जैसे सार्वजनिक उपक्रमों में निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ाने की ओर अग्रसर है। संघ का मानना है कि इससे रेलवे की गुणवत्ता और सेवाएं प्रभावित होंगी।
कर्मचारियों की मांग
कर्मचारी संघ सरकार से मांग कर रहे हैं कि वह रेलवे के आधुनिकीकरण के लिए पर्याप्त धनराशि आवंटित करे, रेलवे कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में वृद्धि करे और रेलवे में नई भर्तियां करे।



