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BPSC वाले 44 मास्टर साहब कहां चले गए? केके पाठक की टीम दिन-रात कर रही तलाश

बिहार के सीतामढ़ी जिले में 44 शिक्षकों का कोई अता-पता नहीं है। आखिर इतनी बड़ी संख्या में शिक्षक गए तो कहां गए, यह बड़ा सवाल बन गया है। खास बात यह है कि न तो शिक्षक अवकाश का आवेदन दिए हुए हैं और न अधिकारी को पता है कि 44 गुरुजी कहां लापता है। वैसे विभाग इन शिक्षकों के बारे में पता लगा रही है। इस बीच, शिक्षा विभाग मुख्यालय से भी लापता शिक्षकों के संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है। शिक्षकों के नदारद रहने का यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

बीपीएससी वाले नए शिक्षक ‘लापता’

बताया गया है कि जिले के जो 44 शिक्षक लापता है, वो सभी बीपीएससी वाले शिक्षक हैं। इन शिक्षकों की बहाली हाल में टीआरई 1 के तहत हुई है। खबर है कि पूरे जिले में बीपीएससी पास वाले कुल 1664 गुरुजी की बहाली होनी थी। इनमें से 1582 शिक्षक योगदान किए। वहीं, 44 शिक्षक नियुक्ति पत्र लेकर योगदान ही नहीं किए। अव्वल तो यह कि 38 अभ्यर्थी नियुक्ति पत्र लेने ही नहीं पहुंचे। बताया गया है कि थंब इप्रेशन से जांच की कार्रवाई शुरू होने पर स्कूल छोड़ने वाले शिक्षकों की संख्या बढ़ने की बात कही जा रही है।

नदारद शिक्षकों की रिपोर्ट तलब

इतनी बड़ी संख्या में शिक्षक के नदारद होने की खबर मिलने पर एसीएस केके पाठक ने जिला शिक्षा विभाग से रिपोर्ट तलब की है। यह मामला शिक्षा विभाग के लिए एक चिंता का विषय बन गया और यह अबतक बना ही हुआ है। कारण कि यह क्लियर नहीं हो सका है कि योगदान करने वाले शिक्षक फिलहाल कहां और क्यों है। बिना किसी अवकाश या सूचना के शिक्षकों के नदारद रहने से बड़ी असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है। खास बात यह कि इसकी खबर एसीएस केके पाठक तक पहुंच गई है और उन्होंने डीईओ से रिपोर्ट भी मांग दी है। इसके चलते शिक्षा विभाग में हलचल कुछ अधिक तेज हो गई है।

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