अध्ययन के अनुसार, अगले 10 अरब वर्षों में आकाशगंगा और एंड्रोमेडा आकाशगंगा की टक्कर होने की संभावना केवल 50% है। इससे पहले वैज्ञानिकों का मानना था कि यह टक्कर निश्चित है।
अध्ययन के अनुसार, दोनों आकाशगंगाओं की टक्कर होने की संभावना कम हो गई है क्योंकि एंड्रोमेडा आकाशगंगा अब पहले की तुलना में धीरे गति से आकाशगंगा की ओर बढ़ रही है। इसके अलावा, दोनों आकाशगंगाओं के बीच की दूरी भी पहले की तुलना में अधिक है।
अध्ययन के निष्कर्षों से यह भी पता चलता है कि आकाशगंगाओं की टक्कर होने की संभावना को समझने के लिए अभी भी बहुत कुछ जानने की जरूरत है। वैज्ञानिकों को अभी भी आकाशगंगाओं के द्रव्यमान और गति के बारे में अधिक जानकारी की आवश्यकता है।
अध्ययन के निष्कर्षों से आकाशगंगाओं के भविष्य के बारे में भी पता चलता है। यदि दोनों आकाशगंगाओं की टक्कर नहीं होती है तो दोनों आकाशगंगाएँ अपनी मौजूदा स्थिति में बनी रहेंगी।
अगर दोनों आकाशगंगाएँ टकराती हैं तो इससे एक नई, बड़ी आकाशगंगा का निर्माण होगा। यह नई आकाशगंगा अण्डाकार आकार की होगी और इसके केंद्र में एक विशाल ब्लैक होल होगा।
अध्ययन के निष्कर्षों से यह भी पता चलता है कि आकाशगंगाओं की टक्कर एक बहुत ही धीमी प्रक्रिया है। यदि दोनों आकाशगंगाएँ टकराती हैं तो भी यह टक्कर अरबों वर्षों तक चलेगी।

