यह मार्च राजभवन से शुरू होकर फिरायालाल चौक तक गया, जिसमें बड़ी संख्या में दिव्यांगजन शामिल हुए। उनकी मुख्य मांगें थीं:
पेंशन राशि में वृद्धि: दिव्यांगजन वर्तमान में मिलने वाली पेंशन को अपर्याप्त मानते हैं और इसे बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
रोजगार के अवसरों में वृद्धि: उन्होंने सरकारी नौकरियों में दिव्यांगों के लिए आरक्षण को प्रभावी ढंग से लागू करने और निजी क्षेत्र में भी उनके लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की अपील की।
कौशल विकास कार्यक्रम: दिव्यांगजन विशेष प्रशिक्षण और कौशल विकास कार्यक्रमों की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
मार्च के दौरान, प्रदर्शनकारियों ने अपने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। उन्होंने सरकार से अपील की कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए और शीघ्र समाधान निकाला जाए।
इस आंदोलन से दिव्यांग समुदाय की समस्याओं के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह आवश्यक है कि सरकार और समाज मिलकर दिव्यांग व्यक्तियों के सशक्तिकरण के लिए ठोस कदम उठाएं, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में समान रूप से शामिल हो सकें।
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