सिंहभूम में किसका चलेगा जादू? BJP की गीता कोड़ा 35 साल का तोड़ेंगी रिकॉर्ड या JMM की जोबा मांझी पहुंचेंगी संसद
बीजेपी उम्मीदवार गीता कोड़ा और जेएमएम की जोबा मांझी आमने-सामने हैं। गीता कोड़ा हाल ही में कांग्रेस छोड़ कर बीजेपी में शामिल हुई थीं। बीजेपी में आते ही उन्हें टिकट मिल गया। वहीं कांग्रेस ने सांसद गीता कोड़ा के बीजेपी में जाने के बाद सिंहभूम सीट इंडिया अलायंस में शामिल सहयोगी दल जेएमएम के लिए छोड़ दी। जेएमएम ने पूर्व मंत्री और मनोहरपुर की विधायक जोबा मांझी को सिंहभूम से उम्मीदवार बनाने का ऐलान किया। सिंहभूम लोकसभा सीट की एक विधानसभा सीट सरायकेला भी है। सरायकेला विधानसभा क्षेत्र सीएम चंपाई सोरेन का गृह क्षेत्र है। ऐसे में सिंहभूम लोकसभा सीट से जेएमएम उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित कराने के लिए चंपाई सोरेन के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा अपनी पत्नी गीता कोड़ा को फिर से संसद भेजने के लिए पसीना बहा रहे हैं।
सिंहभूम की छह विधानसभा सीटें इंडिया अलायंस के पास
आदिवासी बहुल सिंहभूम सीट में छह विधानसभा सीटें आती हैं। ये हैं चाईबासा, सरायकेला, जगरनाथपुर, मनोहरपुर, मझगांव और चक्रारपुर। इनमें से पांच विधानसभा सीट पर जेएमएम और एक पर कांग्रेस का कब्जा है। सरायकेला से खुद सीएम चंपाई सोरेन विाधयक हैं। वहीं जेएमएम उम्मीदवार जोबा मांझी मनोहरपुर से पांचवीं बार विधायक हैं। जबकि जगरनाथपुर सीट से कांग्रेस ने जीत हासिल की थी। चाईबासा से मंत्री दीपक बिरुवा ने 2019 में लगातार तीसरी बार जीत हासिल की थी। मझगांव और चक्रधरपुर सीट भी जेएमएम के कब्जे में हैं। इस तरह से बीजेपी को इस इलाके में कड़ी चुनौती मिलने की संभावना है।
सिंहभूम क्षेत्र में 62 प्रतिशत ‘हो’ जनजाति की संख्या
सिंहभूम लोकसभा आदिवासी बहुल इलाका है, लेकिन इलाके में सबसे अधिक ‘हो’ जनजाति मतदाताओं की संख्या है। एक अनुमान के अनुसार इस क्षेत्र में 62 प्रतिशत ‘हो’ जनजाति की संख्या है। गीता कोड़ा हो जनजाति से ही आती हैं, वहीं जोबा मांझी संथाली जनजाति से आती हैं। 2019 में बीजेपी के पक्ष में लहर रहने के बावजूद कांग्रेस की गीता कोड़ा ने 69 फीसदी हासिल कर रिकॉर्ड मतों के अंतर से चुनाव में विजयी रहीं थीं। गीता कोड़ा ने तब बीजेपी के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुआ को करारी मात दी थी।
गीता कोड़ा के चुनाव की संभाल मधु कोड़ा के जिम्मे
बीजेपी प्रत्याशी गीता कोड़ा झारखंड की पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा की पत्नी है। पति के जेल जाने के बाद वो राजनीति में सक्रिय हुई थीं। 2009 में गीता कोड़ा ने जय भारत समानता पार्टी के बैनर तले विधानसभा का चुनाव लड़ा और 25 हजार वोटों से चुनाव जीत कर झारखंड की सबसे कम उम्र की विधायक बनी थीं। साल 2014 में उन्हें पहली बार लोकसभा चुनाव में सफलता नहीं मिली। साल 2018 में गीता कोड़ा कांग्रेस में शामिल हुईं। जिसके बाद 2019 में कांग्रेस टिकट पर लोकसभा चुनाव में सफलता हासिल कीं। इस बार भी गीता कोड़ा के चुनाव प्रचार की कमान पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने संभाल रखी है। वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में मधु कोड़ा निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में सिंहभूम सीट से चुनाव में जीत हासिल कर चुके हैं।



