मेरा परिवार सीने पर गोली खाने को तैयार लेकिन किसान आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे- राकेश टिकैत का ऐलान
मुजफ्फरनगर के सिसौली में भारतीय किसान यूनियन की आयोजित हुई मासिक पंचायत में किसान नेता चौधरी राकेश टिकैत ने जोशीला भाषण दिया। उन्होंने कहा कि टिकैत परिवार गोली खाने को तैयार है, लेकिन किसानों का साथ नहीं छोड़ेगा। आंदोलन में टिकैत परिवार का एक सदस्य शहादत देगा। उन्होंने कहा कि सीमा पर नहीं तो आंदोलन के दौरान किसानों की मांगों के लिए सीने पर गोली खाएंगे, लेकिन पीछे नहीं हटेंगे। किसानों की राजधानी कहे जाने वाले कस्बा सिसौली के किसान भवन पर आयोजित भारतीय किसान यूनियन की मासिक पंचायत के दौरान चार राज्यों से किसान नेता जुटे थे।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि एमएसपी कानून से कम उन्हें कुछ भी मंजूर नहीं है। उन्होंने कहा कि 21 फरवरी को यूनियन के कार्यकर्ता जिला मुख्यालय पर ट्रैक्टरों के साथ मार्च करेंगे। इसके बाद 26 और 27 फरवरी को हरिद्वार से लेकर गाजीपुर बार्डर तक उस दिशा को मुंह कर ट्रैक्टर खड़े किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह सरकार पूंजीपतियों की है, जो किसानों की कोई चिंता नहीं करती है।
मरते दम तक किसानों के साथ रहूंगा
अगर किसानों को अपना भविष्य सुरक्षित रखना है तो आंदोलन करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पंजाब से दिल्ली जा रहे किसानों को रोकने में सरकार जितनी ताकत लगा रही है, वह ठीक नहीं है। सरकार को किसानों से बात करनी चाहिए। चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि वह मरते दम तक किसानों के साथ खड़े हैं। उन्होंने सरकार को चेताया कि उनकी गुंडागर्दी नहीं चलने देंगे।
नहीं हटेंगे पीछे
उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि, तुम किसी की भी सरकार बनाओ लेकिन आंदोलन में उनके साथ ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार इस देश के किसानों को मजदूर बनाना चाहती है। सरकार चाहती है कि रोटियां बाजार की वस्तु बने। उन्होंने कहा कि व्यापारी ने तय कर लिया है कि महिला एक साल में 17 बार जेवर पहनती है, लेकिन किसान एक साल में 700 बार रोटियां खाता है। इसलिए व्यापार तो रोटियों का ही चलेगा। उन्होंने चेताया कि टिकैत परिवार गोली खाने से भी पीछे नहीं हटेगा। कहा कि टिकैत परिवार के एक सदस्य की कुर्बानी सरकार चाहती है। आंदोलन के दौरान पुलिस फायरिंग में वह गोली खाने को तैयार हैं।



