जेएसएससी पेपर लीक में दो बेटों के साथ विधानसभा अवर सचिव गिरफ्तार, प्रश्न पत्र सेट करने वाली एजेंसी की भूमिका संदिग्ध
झारखंड सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2023 (जेएसएससी) के प्रश्न पत्र लीक मामले में एसआईटी ने बड़ी कार्रवाई की। एसआईटी ने इस मामले में झारखंड विधानसभा के अवर सचिव और उनके दो बेटों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड की कॉपी, ब्लैंक चेक, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। तीनों से पूछताछ की जा रही है।
अवर सचिव मो शमीम का विवादों से पुराना नाता
अवर सचिव मो शमीम का विवादों से पुराना नाता रहा है। इनके खिलाफ तीन-चार बार कार्रवाई भी हो चुकी है। विधानसभा के एक कर्मचारी से दुर्व्यवहार के आरोप में तत्कालीन स्पीकर दिनेश उरांव ने इन्हें निलंबित कर दिया था। इनकी वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी थी। झारखंड विधानसभा नियुक्ति घोटाला में विधायक सरयू राय ने पूर्व से एक सीडी जारी की थी। इसमें विधानसभा के एक तत्कालीन अधिकारी की ओर से एक अभ्यर्थी से कहा जा रहा है कि वे पैसे की बात मो. शमीम से कर लें।
प्रश्न पत्र लीक मामले में 14 लोगों को हिरासत में
एसआईटी की टीम ने प्रश्न पत्र लीक मामले में पटना, चेन्नई, रांची और पलामू में छापामार कर अब तक 14 लोगों को हिरासत में लिया है। शनिवार को पलामू से तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। उनके मोबाइल से जेएसएससी के प्रश्नपत्र मिले है। पुलिस अब इस बात की जानकारी जुटा रही है कि उनके मोबाइल से किस व्यक्ति पे प्रश्नपत्र भेजा गया है। पलामू के ही नयी मोहल्ला के रहनेवाले रवि किशोर की तलाश एसआईटी कर रही है। रवि किशोर का नाम पहले भी प्रतियोगिता परीक्षा में गड़बड़ी करने के मामले में सामने आ चुका है। वहीं चेन्नई में छापेमारी के दौरान गिरफ्तार दोनों युवक परीक्षा एजेंसी सतवत इंफो प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारी निकले। तन्मय और शमशाद आलम दोनों से एसआईटी पूछताछ कर रही है। इस मामले में टेक्निकल सेल की भी मदद ली जा रही है। उधर एसआईटी अब जेएसएससी अध्यक्ष से भी पूछताछ करने की तैयारी कर रही है। इससे पहले भी आठ फरवरी को एसआईटी ने जेएसएससी के कई अधिकारियों से पूछताछ की थी। इसके बाद अधिकारियों ने एसआईटी पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था। चेन्नई से गिरफ्तार युवकों से पूछताछ में पता चला है कि एक को रांची जेएसएससी के साथ तालमेल बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी। वही दूसरे को चेन्नई स्थित परीक्षा एजेंसी सतवत इंफो से समन्वय बनाना था। पेपर लीक होने के बाद तीन फरवरी को दोनों कर्मचारी चेन्नई चले गए थे।



