158 प्रखंड को सूखाग्रस्त घोषित करने की सिफारिश, सीएम हेमंत सोरेन संग बैठक में बड़ा फैसला
झारखंड आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने राज्य के 17 जिलों के 158 प्रखंड को सूखाग्रस्त घोषित करने की सिफारिश की है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। प्रदेश सचिवालय में हुई बैठक के दौरान ही इस मुद्दे पर फैसला लिया गया। इस बात की जानकारी बैठक के बाद एक अधिकारी ने दी। हेमंत सोरेन ने आपदा प्रबंधन विभाग को जल्द से जल्द सभी 158 प्रखंडों को सूखाग्रस्त घोषित करने का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया है, ताकि इसे मंत्रिपरिषद की बैठक में मंजूरी के लिए पेश किया जा सके।
सीएम हेमंत ने क्यों लिया ये फैसला
सीएम हेमंत सोरेन ने संबंधित अधिकारियों से इस संबंध में वित्तीय सहायता के लिए केंद्र को एक प्रस्ताव भेजने को भी कहा। पिछले साल मानसून के दौरान झारखंड में 26 फीसदी कम बारिश हुई थी। एक अधिकारी ने कहा कि 19 फीसदी से अधिक विचलन को कम वर्षा माना जाता है। जेएमएम के नेतृत्व वाली सरकार ने 2022 में भी राज्य के 260 प्रखंडों में से 226 को सूखा प्रभावित घोषित किया था।
किसान परिवारों को मिलेगी इतने रुपये की मदद
अधिकारी ने कहा कि प्रत्येक प्रभावित किसान परिवार को 3,500 रुपये की नकद राशि प्रदान करने का फैसला लिया था। सरकार ने सूखा प्रभावित प्रखंडों के लिए केंद्र से 9,682 करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की मांग की थी। अधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार ने सूखा पैकेज के रूप में 502 करोड़ रुपये आवंटित किए थे।



