CISF कैंपस में तेंदुए के मूवमेंट से इलाके में दहशत, वन विभाग ने पकड़ने का किया इंतजाम
मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के बड़वाह के समीप सीआईएसएफ कैंपस में तेंदुए के लगातार मूवमेंट के चलते दो पिंजरे लगाए गए हैं। तेंदुए ने सांस्कृतिक भवन के पास एक बंदर शिकार भी किया है। घटना के चलते कैंपस में दहशत का माहौल है।
बड़वाह के समीप सीआईएसएफ आरटीसी (रीजनल ट्रेंनिंग सेंटर) के कमांडेंट एस के सारस्वत ने बताया कि कैम्पस में तेंदुए के लगातार मूवमेंट के चलते वन विभाग को डीएफओ अनुराग तिवारी को सूचित किया गया। उन्होंने बताया कि कैंपस में विभिन्न श्रेणी के 1000 अधिकारी सैनिक व परिवार रहते हैं। इस कैंपस के पास सीआईएसफ का केंद्रीय विद्यालय भी है। उन्होंने बताया कि ज्यादातर तेंदुए का मूवमेंट रात या सुबह ही देखा गया है।
बड़वाह के रेंज ऑफिसर डी एस राठौर ने बताया कि सूचना मिलने के बाद सीआईएसएफ के विशाल कैंपस के दोनों और दो पिंजरे लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि सीआईएसएफ कैंपस वन विभाग के कंपार्टमेंट नंबर 266 के पास है और इसके दोनों और चोरल तथा पडाली नदी बहती है। उन्होंने बताया कि घने जंगलों के चलते यहां तेंदुए का मूवमेंट बना रहता है। यहां तेंदुए को शिकार करने के लिए जंगली कुत्ते व सूअर भी पाए जाते हैं।
उन्होंने बताया कि सीआईएसएफ कैंपस के सांस्कृतिक भवन के पास तेंदुए ने आज एक बंदर शिकार भी किया। तेंदुआ बाउंड्री वॉल से लगे पेड़ों की सहायता से कैम्पस के अंदर आ जाता है। डीएफओ बंगले और रेस्ट हाउस के आसपास भी इसका मूवमेंट बना रहता है।



