यह हृदयविदारक घटना हैदराबाद के वारासिगुड़ा इलाके में सामने आई, जब पड़ोसियों को इसकी जानकारी मिली और उन्होंने पुलिस को सूचित किया।
मृतका की पहचान 45 वर्षीय ललिता के रूप में हुई।
ललिता अपने पति के छोड़ने के बाद अपनी बेटियों के साथ संघर्ष कर रही थी।
उनकी बेटियां रावालिका (24) और यश्विता (22) हैं।
पति राजू ने 2020 में परिवार को छोड़ दिया था।
ललिता ने अपनी बेटियों को अपनी मां की मदद से पाला।
हाल ही में उनकी मां का भी निधन हो गया।
इसके बाद ललिता 6 महीने पहले बौद्धनगर में किराए के घर में रहने लगी।
आर्थिक तंगी के कारण वह 3 महीने से किराया नहीं दे सकी।
मकान मालिक से उन्होंने 21 जनवरी तक का समय मांगा था।
22 जनवरी को ललिता की नींद में ही मौत हो गई।
बेटियां मां के अंतिम संस्कार के लिए पैसे नहीं जुटा सकीं।
वे मां के शव को 9 दिन तक घर में रखने को मजबूर रहीं।
इस घटना की जानकारी पड़ोसियों को मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस मौके पर पहुंची तो घर में शव मिला।
मोहल्ले वालों की मदद से अंतिम संस्कार की व्यवस्था की गई।
बहनों ने बताया कि वे किराया और दवाइयों के खर्च से जूझ रही थीं।
प्रशासन ने आश्वासन दिया कि सरकारी सहायता प्रदान की जाएगी।
यह घटना गरीबी और सामाजिक सुरक्षा की विफलता को उजागर करती है।
समाजसेवियों और स्थानीय संगठनों ने उनकी मदद का वादा किया।
प्रशासन ने कहा कि आगे से ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाए जाएंगे।


