कुएं में गिरे हाथी के बच्चे को 40 घंटे बाद बाहर निकालने में मिली सफलता, नहीं बचाई जा सकी जान
सरायकेला में कुएं में गिरे हाथी के बच्चे क मौत हो गई। वन विभाग को 40 घंटे का समय मिला, लेकिन सिस्टम की लापरवाही कही जाए या फिर मानवीय चूक हो। कुएं में गिरे हाथी के बच्चे को बाहर तो निकाल लिया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि हाथी के बच्चे का यदि इलाज समय पर शुरू होता और भोजन की व्यवस्था कर दी जाती, तो शायद जान बच सकती थी। लेकिन विभाग की ओर से लाखों रुपया खर्च करने के बाद हाथी के बच्चे को बचाया नहीं जा सका। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि रस्सी से बांध कर कुएं से बाहर निकालने के कारण हाथी की मौत हो गई।
रस्सी के सहारे कुएं से बाहर निकाला गया
ग्रामीणों के अनुसार 40 घंटे तक हाथी को कुएं से बाहर निकालने को लेकर अभियान चला। लेकिन हाथी के बच्चे को पोकलेन से रस्सी के सहारे बांधकर बाहर निकाला गया। लेकिन इस दौरान उसकी मौत हो गई। हाथी को कुएं से बाहर निकालने के दौरान दर्जनों ग्रामीणों ने भी रस्सी के सहारे हाथी के बच्चे को ऊपर खींचने में मदद की।
पश्चिम बंगाल से खदेड़ने के दौरान हाथी कुएं में गिरा
बताया गया कि नीमडीह थाना क्षेत्र से सटे सीमावर्ती बंगाल राज्य से खदेड़ा गया झुंड बुधवार की रात गांव में घुसा था। इसकी जानकारी मिलने पर वन विभाग की क्विक रिस्पांस टीम ने जब हाथियों को आबादी वाले इलाके से दूर खदेड़ने की कोशिश की तो वे इधर-उधर भागने लगे। इसी दौरान एक शिशु हाथी आंडा गांव में एक कुएं में जा गिरा। शिशु हाथी को बाहर निकालने का ऑपरेशन गुरुवार सुबह से शुरू किया गया।



