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क्या है साउंड मीटर मशीन, ढाई लाख के इस डिवाइश से पकड़ी जाएगी लाउड स्पीकर और DJ की तेज आवाज

मध्य प्रदेश के किसी भी धार्मिक स्थल सहित अन्य जगहों पर लाउडस्पीकर और अन्य ध्वनि यंत्र तेज आवाज में नहीं बजाए जा सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने पदभार ग्रहण करने की बाद सबसे पहले यही आदेश जारी किया था। अब यह आदेश पूरे मध्य प्रदेश में लागू हो चुका है। इतना ही इस पर लगातार प्रशासन कार्रवाई कर रहा है।

दरअसल, राजधानी भोपाल में 21 दिसंबर को आदेश लागू करने की समय सीमा शुरू हो चुकी है। ऐसे में आम नागरिकों के मन में सवाल उठता है कि आवाज को कैसे नापा जा सकता है? आधिकारी कैसे समझेंगे कि यह आवाज तेज है और यह आवाज कम है? इसके लिए प्रशासन एक डिवाइस का उपयोग करती है। इसे साउंड मीटर कहा जाता है। इस साउंड मीटर के माध्यम से आवाज की तीव्रता को माप लिया जाता है।

साउंड मीटर की कीमत है ढाई लाख

अब मध्य प्रदेश की ट्रैफिक पुलिस ऐसे ही साउंड मीटर खरीदने की तैयारी कर रही है। यह साउंड मीटर करीब ढाई लाख रुपये का एक मिलता है। इसी साउंड मीटर के माध्यम से अब प्रशासन किसी भी आवाज की तीव्रता को माप सकेगा। आपको बता दें कि 13 दिसंबर को जारी आदेश के मुताबिक धार्मिक स्थल या दूसरी जगह पर निर्धारित मापदंड के मुताबिक ही लाउडस्पीकर डीजे या अन्य ध्वनि यंत्र बजाए जा सकेंगे।

एक से ज्यादा लाउडस्पीकर नहीं होंगे अलाऊ

किसी भी धार्मिक स्थल पर एक से अधिक लाउडस्पीकर रखने की अनुमति नहीं होगी। सुप्रीम कोर्ट के द्वारा जारी किए गए दिशा निर्देश की हवाले से मध्य प्रदेश सरकार ने यह नियम जारी किए थे। इन दिशा निर्देशों में मध्य प्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम और ध्वनि प्रदूषण नियम 2000 के प्रावधानों का भी जिक्र है। आपको बता दें कि 21 दिसंबर को मध्य प्रदेश में नियमों को लागू करने की आखिरी तारीख थी। इसके बाद अगर कहीं तेज आवाज में लाउडस्पीकर या अन्य ध्वनि यंत्र बजाए जाते हैं तो कार्रवाई की जाएगी।

सरकार ने अलग-अलग क्षेत्र में ध्वनि की तीव्रता तय की है। औद्योगिक क्षेत्र में दिन में 75 डेसीबल ध्वनि की सीमा से ज्यादा आवाज में आवाज नहीं की जा सकेगी। वहीं, रात में इन क्षेत्रों के लिए 70 डेसिबल ध्वनि सीमा तय की गई है। वाणिज्यिक क्षेत्रों में दिन में 65 और रात में 55 डेसिबल अधिकतम ध्वनि सीमा तय की गई है। रिहायशी क्षेत्र में दिन में 55 और रात में 45, जबकि शांत क्षेत्र में दिन में 50 और रात में 40 डेसीबल से अधिक ध्वनि सीमा में आवाज नहीं की जा सकेगी।

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