संगठन ने दंगों की गहन जांच की मांग की है।
यह कदम ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश पुलिस ने हाल ही में इन दंगों की पुनः जांच की रिपोर्ट को खारिज कर दिया।
हिंदू शक्ति दल के बयान
हिंदू शक्ति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सिमरन गुप्ता ने कहा कि दंगों के दौरान दोषियों को बचाने के प्रयास किए गए थे। “1978 के दंगों में 48 आरोपी बरी हो गए। आज तक पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिला है,” गुप्ता ने पीटीआई को बताया।
उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले की जांच शुरू करने की अपील की। “सच्चाई सामने लाने और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए सीबीआई और एनआईए जांच आवश्यक है,” गुप्ता ने कहा।
1978 दंगों का संदर्भ
1978 में संभल में हुए सांप्रदायिक दंगों में कई लोगों की जान चली गई थी। गुप्ता ने आरोप लगाया कि उस समय राज्य और केंद्र सरकारों ने दोषियों को संरक्षण दिया।
पुनः जांच की मांग
संगठन ने इन दंगों के सभी पहलुओं की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति बनाने की मांग की।
पुलिस का रुख
पुलिस ने हाल ही में कहा था कि दंगों की पुनः जांच की कोई योजना नहीं है।
न्याय की अपील
गुप्ता ने कहा कि पीड़ित परिवार आज भी न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक दबाव का परिणाम बताया।