गांव की गलियों में ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ को देख कर हैरान रह गए ना, ये ट्रेन नहीं घर है जनाब
झारखंड के जनजातीय बहुल इलाके में सोहराय पर्व को बड़े ही धूमधाम से मनाने की परंपरा है। प्रकृति पर्व सोहराय में आदिवासी समुदाय के लोग दिवाली की तरह ही अपने घरों की साफ-सफाई करते है और इसे आकर्षक तरीके से सजाया-संवारा जाता है। जमशेदपुर में भी सोहराय को लेकर आदिवासी समाज के लोगों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। खासकर ग्रामीण महिलाएं अपने घरों को मिट्टी से बने रंगों से आकर्षक और सुंदर बना रही हैं। घरों को इस तरह सजाया जा रहा है कि ताकि देखने मे काफी सुंदर लगे।
मिट्टी के घर की दीवार पर वंदे भारत की थीम पर पेंटिंग
जमशेदपुर के सुदंरनगर जोद्रागोड़ा गांव में रहने वाली पूर्णिमा नामक छात्रा ने अपने मिट्टी के घर मे देश की सेमी हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस का थीम पर रंगा है। जो देखने मे काफी आकर्षित लग रहा है। सफ़ेद और नीले रंग से वंदे भारत ट्रेन की आकृति को देख ऐसा लगता है मानो गांव में ही वन्दे भारत एक्सप्रेस खड़ी है।

पूरी तरह से प्राकृतिक रंग
पूर्णिया ने बताया कि गांव में सोहराय पर्व को बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दौरान सभी अपने-अपने घरों की साफ सफाई कर दीवारों पर पेंटिंग करते है। पूर्णिया ने बताया कि पेंट बाजार का नहीं होता है, बल्कि पूरी तरह से प्राकृतिक रंग होता है और इसे ग्रामीण खुद से बनाते हैं।



