तेलंगाना में बीजेपी जीती तो कौन बनेगा मुख्यमंत्री? अमित शाह के बयान पर दिलचस्प चर्चा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने सूर्यापेट में आयोजित प्रजा गर्जना सभा में ऐलान किया कि अगर तेलंगाना में बीजेपी सत्ता में आई तो मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग का होगा। इसी बीच ये ऐलान अब हर तरफ चर्चा का विषय बन गया है। सभा में बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि बीजेपी गरीबों की पार्टी है। कांग्रेस और बीआरएस दोनों पार्टियों की पारिवारिक पार्टियों के रूप में आलोचना की जाती है। अमित शाह ने कहा कि केसीआर का लक्ष्य केटीआर को सीएम बनाना है.. और सोनिया गांधी के जीवन का लक्ष्य राहुल गांधी को पीएम बनाना है। इन दोनों दलों ने कहा है कि पिछड़ा वर्ग के कल्याण पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। इस क्रम में उन्होंने केसीआर को भी चुनौती देते हुए कहा कि अगर बीजेपी जीतेगी तो वह पिछड़ा वर्ग को मुख्यमंत्री बनाएंगे।
बीजेपी को वोट देने की अपील

अमित शाह ने सूर्यापेट में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए तेलंगाना के लोगों से राज्य में बीजेपी की सरकार बनाने के लिए मतदान का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आज, मैं तेलंगाना के लोगों से कहना चाहता हूं कि आप बीजेपी को आशीर्वाद दें और पार्टी की सरकार बनाएं। तेलंगाना में बीजेपी का अगला मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग से होगा। हमने यह तय किया है।
कौन है रेस में
अमित शाह का अहम बयान अब पार्टी में चर्चा का विषय बना हुआ है। अगर पार्टी सच में सत्ता में आती है तो ऐसी चर्चा हो रही है कि उसका कोई सीएम उम्मीदवार नहीं है। बहरहाल.. अब प्रमुख नेताओं में.. बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बंदी संजय के साथ एटाला राजेंदर, डॉ. के लक्ष्मण, धर्मपुरी अरविंद.. बीसी नेताओं के नाम अब स्क्रीन पर आ रहे हैं। लक्ष्मण को जहां राज्यसभा पद दिया गया, वहीं बाकी तीन सीएम की रेस में हैं।
कौन पड़ सकता है भारी
इस बीच इन तीनों में से बंदी संजय और एटाला राजेंद्र दोनों के पास बड़े पैमाने पर समर्थक हैं, लेकिन एटाला के पास अधिक अवसर हैं। क्योंकि उनको बीआरएस सरकार में वित्त मंत्री और चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री के रूप में जिम्मेदारियां संभालने का अनुभव है। सरकार में अहम भूमिका निभाई हैं। बीआरएस में एक समय यह भी तर्क था कि सीएम केसीआर के बाद का स्थान एटाला का है।



