हेमंत सोरेन अब शायद ही बच पाएं ईडी की पूछताछ से, हाईकोर्ट से याचिका रद्द होने के बाद सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में हैं सीएम
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दिन अच्छे नहीं चल रहे। ईडी, हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट और मामलों-मुकदमों में वे उलझ कर रह गए हैं। जमीन घोटाला, खनन लीज मामला और ईडी से लगातार मिल रहे समन के खिलाफ हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक हेमंत चक्कर लगा रहे हैं। इस स्थिति के लिए हेमंत और उनकी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के नेता सीधे केंद्र की भाजपानीत सरकार को दोष देते हैं। इसे बदले की कार्रवाई मानते-बताते हैं। खनन लीज का मामला तो गवर्नर के पास से होते हुए चुनाव आयोग तक पहुंचा था। चुनाव आयोग ने क्या अनुशंसा राज्यपाल को भेजी, उसका आज तक किसी को पता नहीं चला।
हाईकोर्ट कर चुका है हेमंत की याचिका को खारिज
जमीन घोटाले के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हेमंत सोरेन को पूछताछ के लिए अब तक पांच बार नोटिस दिया है। हर बार वे टालमटोल करते रहे। चौथे समन के बाद वे सीधे सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए थे। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें हाईकोर्ट के रास्ते आने की सलाह दी। आनन-फानन वे हाईकोर्ट पहुंच गए। जिस दिन ईडी को उनसे पूछताछ करनी थी, उसके एक दिन पहले उन्होंने अपनी याचिका हाईकोर्ट में दर्ज करा दी, लेकिन एक जज के निधन से हाईकोर्ट में उस दिन कोई काम नहीं हुआ। बाद में उनकी याचिका में कुछ त्रुटियां पाई गईं, जिसे सुधारने का मौका उन्हें हाईकोर्ट ने दिया। आखिरी सुनवाई के दिन हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। अब हेमंत सोरेन सुप्रीम कोर्ट में जाने की तैयारी में लग गए हैं।
ईडी हेमंत को नया नोटिस जारी करने की तैयारी में
इस बीच खबर आ रही है कि अब तक हेमंत के प्रति नरम रुख अख्तियार करने वाला ईडी अब सख्ती के मूड में आ गया है। अमूमन तीसरी नोटिस के बाद ईडी गिरफ्तारी जैसी कार्रवाई करता है। हेमंत सोरेन तो उसके पांच नोटिस के बाद भी पूछताछ के लिए हाजिर नहीं हुए। हाईकोर्ट में मामला रहने के कारण ईडी ने भी फैसले का इंतजार करना बेहतर समझा। अब तो ईडी को फ्री हैंड मिल गया है। अगर सुप्रीम कोर्ट में कल तक मामला नहीं गया तो ईडी नोटिस जारी कर देगा। एक जानकारी यह भी मिल रही है कि ईडी ने अगला नोटिस तैयार रखा है और सुप्रीम कोर्ट में मामला जाने के बावजूद उन्हें नोटिस सर्व कर दिया जाएगा।
जमीन घोटाले में क्यों हो रही है हेमंत सोरेन की चर्चा
रांची में सेना की सौ एकड़ से अधिक जमीन फर्जी कागजात बना कर बेच दी गई है। मामले का रहस्योद्घाटन होने के बाद ईडी ने अब तक 14 लोगों को इस सिलसिले में गिरफ्तार किया है। एक भू राजस्व उपनिरीक्षक (सर्किल सब इंसपेक्टर) भानु प्रताप प्रसाद के घर से ईडी ने कई ट्रंक जमीन के दस्तावेज जब्त किए थे। उसके बाद रजिस्ट्री आफिस का सर्वे कर ईडी ने कुछ और साक्ष्य जुटाए। बताया जाता है कि ईडी को इस बात के भी पुख्ता सबूत मिले हैं कि हेमंत सोरेन परिवार के नाम से नियमों की अनदेखी कर काफी जमीन खरीदी गई है। झारखंड में यह प्रावधान है कि ट्राइबल लैंड कोई ट्राइबल ही खरीद सकता है। खरीदने-बेचने वालों का एक ही थाना क्षेत्र का निवासी होना जरूरी है। इस नियम को तोड़ कर रांची के अलावा झारखंड के कई और शहरों में सोरेन परिवार के सदस्यों के नाम जमीन की खरीदी हुई है।




