चंपाई सोरेन सरकार में जेएमएम-कांग्रेस कोटे से इन 8 नए मंत्रियों ने ली शपथ, जानें कैबिनेट सदस्यों के बारे में सबकुछ
झारखंड में मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन सरकार ने मंत्रिमंडल विस्तार के साथ ही पहली बाधा को पार ली। कैबिनेट विस्तार में कांग्रेस के कुछ विधायकों की नाराजगी की खबरों के बीच ही नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। मंत्रिमंडल विस्तार में जेएमएम के सभी पुराने मंत्रियों को मौका मिला, वहीं हेमंत सोरेन के छोटे भाई बसंत सोरेन को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। मंत्रिमंडल विस्तार में जेएमएम विधायक सीता सोरेन मौका नहीं मिल पाया। इसके अलावा जेएमएम के वरिष्ठ विधायक नलिन सोरेन, स्टीफन मरांडी और लोबिन हेम्ब्रम को भी मौका नहीं मिल पाया। ऐसे में सीएम चंपाई सोरेन को कांग्रेस के अलावा जेएमएम के अंदर से भी बड़ी चुनौती मिल सकती हैं।
आईपीएस के रूप में रामेश्वर उरांव ने आडवाणी को किया था गिरफ्तार
चंपाई सोरेन सरकार में कांग्रेस कोटे से डॉ. रामेश्वर उरांव दोबारा मंत्री बने हैं। रामेश्वर उरांव आईपीएस ऑफिसर भी रहे हैं। 2004 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर राजनीति में आए रामेश्वर उरांव लोहरदगा संसदीय सीट से सांसद भी रह चुके हैं। 2014 में वे विधानसभा चुनाव में विजयी रहे। आईपीएस अधिकारी के रूप में रामेश्वर उरांव ने बीजेपी के दिग्गज नेता लाल कृष्ण आडवाणी को गिरफ्तार किया था और उनके रथ यात्रा को रोका था। हेमंत कैबिनेट में भी रामेश्वर उरांव सबसे धनी मंत्री थें। रामेश्वर उरांव की कुल संपत्ति 28 करोड़ रुपये से अधिक हैं।
छात्र आंदोलन के दौरान 11 बार जेल गए दीपक बिरुवा
चाईबासा सीट से लगातार तीसरी बार जेएमएम उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित दीपक बिरुवा ने छात्र आंदोलन से एक्टिव पॉलिटिक्स में आए। आजसू पार्टी से करियर स्टार्ट करने वाले दीपक बिरुवा ने वर्ष 2009, 2014 और 2019 में चाईबासा सीट से जीत हासिल की। दीपक बिरुवा के पिता महेंद्र बिरुवा एक शिक्षक थे। इसलिए उनकी पढ़ाई भी गांव में अच्छी तरीके से हुई। उन्होंने इतिहास विषय में स्नातक की डिग्री हासिल की। छात्र आंदोलन के दौरान दीपक बिरुवा ने 11 बार जेल यात्रा की। दीपक बिरुवा को अब भी फुटबॉल खेलना पसंद हैं। बबीता बिरुवा से उनकी शादी हुई। बन्ना गुप्ता 2009, 2014 और 2019 में लगातार तीसरी पर जमशेदपुर पूर्वी सीट से जीत हासिल की। 10वीं पास बन्ना गुप्ता 2014 में भी कृषि मंत्री रह चुके हैं और हेमंत सोरेन सरकार में स्वास्थ्य मंत्री थे।
चाय-सिंघारा बेचने वाले का बेटा बन्ना गुप्ता फिर बने मंत्री
जमशेदपुर पूर्वी के कांग्रेस विधायक बन्ना गुप्ता दोबारा मंत्री बने हैं। बन्ना गुप्ता के पिता रामगोपाल गुप्ता ने कदमा बाजार में चाय-नमकीन की दुकान से शुरुआत कर मथुरा मिष्ठान भंडार के रूप में मिठाई दुकान की अलग पहचान दिलाई। वे इस दुकान से करीब 50 वर्षों से ज्यादा समय तक जुड़े रहे। रामगोपाल गुप्ता मूल रूप से उत्तर प्रदेश के नौगांवा के निवासी थे और उनका पूरा परिवार सोनारी मरारपाड़ा के दो कमरे के छोटे से घर में वे रहते थे। बन्ना गुप्ता ने को-ऑपरेटिव कॉलेज से पढ़ाई-लिखाई की। बाद में उनका परिवार कदमा में शिफ्ट हो गया।
शिबू सोरेन परिवार से निकटता मिथिलेश ठाकुर की बड़ी ताकत
16 फरवरी 1966 में जन्मे मिथिलेश कुमार ठाकुर को जन्मदिन पर बड़ा तोहफा मिला है। चंपाई सोरेन सरकार में गढ़वा के जेएमएम विधयक मिथिलेश ठाकुर को फिर से बड़ी जिम्मेदारी मिली है। इससे पहले हेमंत सोरेन सरकार में भी मिथिलेश ठाकुर पेयजल स्वच्छता मंत्री थे। गढ़वा में वर्ष 2009 और 2014 में जेएमएम उम्मीदवार के रूप में पराजित होने के बावजूद मिथिलेश ठाकुर ने क्षेत्र के लोगों का साथ नहीं छोड़ा। दो चुनाव में हार मिलने के बाद मिथिलेश ठाकुर को एक बड़ी राष्ट्रीय पार्टी से भी ऑफर मिला, लेकिन मिथिलेश ठाकुर जेएमएम का साथ नहीं छोड़ा। जेएमएम सुप्रीमो शिबू सोरेन से निकटकता के कारण मिथिलेश ठाकुर को फिर से गठबंधन सरकार में जिम्मेदारी मिली। मिथिलेश ठाकुर के पिता कौशल कुमार ठाकुर रेंज ऑफिसर थे, जबकि मां बिमला ठाकुर गृहिणी हैं। मिथिलेश ठाकुर की दो पुत्री हैं और उन्होंने स्नातक की डिग्री हासिल की है। मिथिलेश ठाकुर के राजनीतिक आदर्श शिबू सोरेन हैं। वे राजनीति के अलावा समय मिलने पर फुटबॉल और बैंडमिंटन जरूर खेलते हैं।



