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तेजस्वी यादव तक पहुंची जांच की आंच! नीतीश के बयान के 96 घंटे बाद एक्शन में सरकार, जानें पूरा मामला

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 12 फरवरी को बिहार विधानसभा में आरजेडी मंत्रियों पर बड़ा आरोप लगाया था। नीतीश कुमार जब विश्वासमत हासिल कर रहे थे तो तो उन्होंने जवाबी भाषण में कहा था कि सरकार में रहकर आरजेडी के मंत्री पैसे की उगाही कर रहे थे। नीतीश कुमार के इस बयान का असर चार दिन बाद दिखा। शुक्रवार को नीतीश सरकार ने बड़ा एक्शन लेते हुए तत्कालीन डीप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने जो भी फैसले लिए, उस पर रोक लगा दिया गया है। इतना ही नहीं, आरजेडी कोटे के दो और मंत्रियों के भी फैसले पर रोक लगाई गई है। बताया जा रहा है कि सभी फैसलों की जांच होगी, उसके बाद कार्रवाई होगी।

क्या है सरकार के आदेश

दरअसल, बिहार सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय ने शुक्रवार को एक आदेश जारी किया है। जारी आदेश में कहा गया है कि 1 अप्रैल 2023 से स्वास्थ्य विभाग, पथ निर्माण विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग, खान एवं भूतत्व विभाग और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग में मंत्री स्तर पर जो भी निर्णय लिए गए थे, उन्हें तत्काल रोका जाए। उन सभी निर्णयों की समीक्षा की जाए और आवश्यकतानुसार संशोधन किया जाए। पूर्व मंत्रियों द्वारा लिए गए निर्णयों की जानकारी वर्तमान मंत्रियों को दी जाए, और उनसे आवश्यक निर्देश लिए जाएं।

जिन विभागों के पूर्व मंत्रियों के फैसलों की समीक्षा का आदेश जारी किया गया है, उनमें से चार विभाग तेजस्वी यादव के पास थे। डिप्टी सीएम रहते हुए तेजस्वी यादव के पास स्वास्थ्य विभाग, पथ निर्माण विभाग, नगर विभाग और आवास विभाग और ग्रामीण कार्य विभाग थे। तेजस्वी के अलावा आरजेडी के दो अन्य तत्कालीन मंत्रियों के कार्यों की जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं। इनमें आरजेडी के रामानंद यादव खान भूतत्व विभाग का कार्यभार संभाल रहे थे। वहीं, ललित यादव लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के मंत्री थे। इन दोनों के फैसलों पर भी रोक और समीक्षा के आदेश जारी किए गए हैं।

सीएम नीतीश ने पहले ही कर दिया था ऐलान

गौरतलब है कि बिहार में एनडीए सरकार बनने के बाद डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने घोषणा की थी कि तेजस्वी यादव के डिप्टी सीएम और मंत्री रहते हुए जो भी निर्णय लिए गए थे, उनकी जांच की जाएगी। सदन के अंदर बीजेपी नेता ने कहा था कि सारी फाइलें खोली जाएंगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी आरजेडी के कार्यकाल की जांच कराने की घोषणा परिषद में की थी। जिसका असर अब दिखने लगा है।

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