
रांची: जमीन घोटाले में एसीबी की छापेमारी, दो सीओ अधिकारियों से पूछताछ**
रांची: रांची के बहुचर्चित जमीन घोटाले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मामले में ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) के गवाह रहे दो सीओ (अंचल अधिकारी) स्तर के अधिकारियों, शैलेश सिन्हा और मनोज कुमार, के ठिकानों पर एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने बुधवार को छापेमारी की। यह कार्रवाई निगरानी कोर्ट से वारंट हासिल करने के बाद की गई, जिसमें अधिकारियों के सरकारी और निजी आवासीय परिसरों सहित उनके दफ्तरों पर भी एक साथ छापेमारी की गई। छापेमारी के बाद दोनों अधिकारियों को एसीबी कार्यालय लाया गया है, जहां उनसे पूछताछ की जाएगी।
एसीबी ने सीओ मनोज कुमार के नवामुंडी स्थित टाटा स्टील के अस्थायी आवास, नवामुंडी अंचल कार्यालय और रांची के रामेश्वरम लेन स्थित फ्लैट पर छापेमारी की। वहीं, शैलेश सिन्हा के गिरिडीह स्थित पैतृक आवास, उनके पिता के घर, हजारीबाग एसडीओ कार्यालय और सरकारी आवास पर भी तलाशी अभियान चलाया गया। छापेमारी के दौरान जमीन में निवेश संबंधित दस्तावेज, बैंक खातों की जानकारी और कई इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जब्त किए गए। एसीबी के मुताबिक, दोनों अधिकारियों के खिलाफ जमीन से संबंधित अनियमितताओं के ठोस साक्ष्य मिले हैं। आगे की जांच के बाद ईडी भी इनके खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रख सकती है।
**सदर थाने में दर्ज मामले को एसीबी ने लिया टेकओवर**
अप्रैल 2023 में ईडी ने बड़गाईं अंचल के राजस्व उपनिरीक्षक भानु प्रताप के घर से भारी संख्या में सरकारी दस्तावेज जब्त किए थे। ईडी ने इसके तहत पीएमएलए (धन शोधन निवारण अधिनियम) के तहत राज्य सरकार को सूचित किया था, जिसके बाद रांची के डीसी के आदेश पर 1 जून 2023 को सदर थाने में मामला दर्ज हुआ। इसी आधार पर ईडी ने बड़गाईं में 8.86 एकड़ जमीन की धोखाधड़ी से जुड़े नए मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान ईडी ने शैलेश सिन्हा और मनोज कुमार से लंबी पूछताछ की और बाद में उन्हें इस केस में गवाह भी बनाया गया।
इस मामले में आगे की कार्रवाई के तहत एसीबी ने अब इस केस को टेकओवर कर लिया है, और जांच जारी है।


