रक्षा उत्पादों के बड़े आयातक से निर्यातक बन गया भारत, 10 वर्ष में 22 गुना वृद्धि!
क्या आप जानते हैं कि हम दुनियाभर से हथियार खरीदते हैं तो दर्जनों देशों को अपने यहां बने रक्षा उत्पाद बेचते भी हैं। बड़ी बात है कि हमारे डिफेंस प्रॉडक्ट्स के ग्राहक इजरायल, अमेरिका, फ्रांस, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, इटली जैसे बड़े-बड़े देश भी हैं। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारत 85 से ज्यादा देशों को रक्षा निर्यात कर रहा है। दूसरी तरफ, रक्षा आयात में तेजी से गिरावट आ रही है और हम अपनी सेना की जरूरतों के साजो-सामान खुद ही बनाने में जुट गए हैं। इससे ‘आत्मनिर्भर भारत’ का अपना सपना पूरा करने की दिशा में प्रगति हो रही है तो ‘मेक इन इंडिया’ को भी बल मिल रहा है। इस प्रयास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने कई कदम उठाए हैं, वो चाहे नीतियों को लेकर हों या फिर कार्यक्रमों को जमीन पर उतारने की। अभी भारत ने रक्षा निर्यात को बढ़ावा देने के लिए 91 देशों में अपने डिफेंस अताशे रखा है। वहीं, रक्षा उत्पादन के क्षेत्र की भारतीय कंपनियां कई देशों में काम कर रही हैं। मोदी सरकार के 10 साल के कार्यकाल में किस क्षेत्र में क्या उपलब्धियां हासिल हुईं, इस सीरीज में आज हम रक्षा क्षेत्र में निर्यात को लेकर गहन विश्लेषण कर रहे हैं। नीचे आंकड़ों के जरिए बताने की कोशिश की जा रही है कि बीते 10 वर्षों में रक्षा के क्षेत्र में भारत सरकार ने क्या-क्या किया है…
मोदी सरकार में रक्षा खरीद, उत्पादन और अनुसंधान एवं विकास की प्रक्रिया को आसान और सुगम बनाने के लिए कई नीतिगत सुधार किए गए हैं। सरकार ने इनोवेटर्स, स्टार्टअप, एमएसएमई और अनुसंधान क्षेत्र को शामिल करके रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्रों में इनोवेशन और टेक्नॉलजी डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए इनोवेशन फॉर डिफेंस एक्सेलेंस (iDEX) लॉन्च किया। दूसरी तरफ, कोविड-19 रिकवरी पैकेज के हिस्से के रूप में घोषित आत्मनिर्भर भारत स्कीम के तहत घरेलू रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठाए गए।
सरकार ने रक्षा निर्यात बढ़ाने के लिए एक स्ट्रक्चर्ड रोडमैप मुहैया करने के लिए एक व्यापक रक्षा निर्यात रणनीति तैयार की है। यह रणनीति निर्यात प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने, विदेशी रक्षा बाजारों के साथ जुड़ाव बढ़ाने और वैश्विक स्तर पर स्वदेशी रक्षा उत्पादों को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। रक्षा निर्यात को सुविधाजनक बनाने और बढ़ावा देने के लिए रक्षा निर्यात संवर्धन एजेंसी (डीईपीए) की स्थापना की गई है। साथ ही, निर्यात लाइसेंसिंग प्रक्रिया का सरलीकरण, लाइसेंस की लंबी वैधता और घटकों और उप-प्रणालियों के निर्यात पर कम प्रतिबंध। इसके साथ ही दुनिया के 91 देशों में भारत के डिफेंस अताशे हैं जो संबंधित देश को भारत से रक्षा उपकरणों के आयात की प्रक्रिया में मदद करते हैं।



