‘शराबबंदी की लाश को ढो रहे नीतीश’, मौत पर मुआवजे के बाद क्रेडिट की होड़, BJP की मांगों की फेहरिस्त देख लीजिए
जहरीली शराब से मौत पर मुआवजे के ऐलान के बाद क्रेडिट लेने की होड़ मची है। बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि नीतीश सरकार ने उनकी मांगों के सामने घुटने टेक दिए। एक-एक कर उन्होंने नीतीश कुमार के पुराने बयानों को भी पढ़कर सुनाया। साथ ही नई मांगों की फेहरिस्त भी रख दी। उन्होंने कहा कि जहरीली शराब पीने से मरने वालों के परिजनों को केवल मुआवजा देने से काम नहीं चलेगा बल्कि शराबबंदी कानून के तहत बंद लोगों को जेल से रिहा भी करना होगा।
नीतीश पर खूब बरसे सुशील मोदी
जहरीली शराब मामले पर पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए सुशील मोदी डॉक्यूमेंट के साथ पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि शराबबंदी की लाश को नीतीश कुमार ढो रहे हैं। जहरीली शराब कांड के करीब 30 मामले सरकार बता रही है। जबकि ये आंकड़ा 60 से ज्यादा है। केवल एक मामले में किसी शराब माफिया पर कार्रवाई हुई। इसके अलावा किसी भी शराब माफिया पर कोई एक्शन नहीं हुआ।
सुशील मोदी ने रखी मांगों की लिस्ट
- परिवार उजड़ गया तो पांच साल बाद सूद समेत मुआवजा दे सरकार
- शराब कानून के तहत मामलों में आम माफी के साथ मुकदमें वापस हो
- मुआवजा देने के प्रक्रिया को और आसान किया जाना चाहिए
- जिनकी मौत हो गई, वो कैसे बताएगा कि शराब कहां से खरीदा था
- शराब कानून के मामलों में गिरफ्तार लोगों के लिए डिटेंशन सेंटर बने




