यह भारत में निजी क्षेत्र की पहली फाइनल असेंबली लाइन (FAL) है जो सैन्य विमानों के निर्माण के लिए स्थापित की गई है।
C-295 प्रोग्राम के तहत कुल 56 विमान शामिल हैं, जिनमें से 16 विमान एयरबस द्वारा स्पेन से सीधे भारत भेजे जाएंगे, जबकि शेष 40 विमान भारत में ही निर्मित होंगे। TASL को भारत में इन 40 विमानों के निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
स्पेनिश प्रधानमंत्री सांचेज ने इस प्रोजेक्ट को “दो महान देशों का संगम” बताया और कहा कि “टाटा भारतीय औद्योगिक शक्ति का प्रतीक है और एयरबस यूरोपीय तकनीकी नवाचार का। यह प्रोजेक्ट भारत और स्पेन के बीच दोस्ती और सहयोग को नया आयाम देगा।”
उन्होंने 1960 के दशक में भारतीय संगीतकार रवि शंकर और स्पेनिश गिटारिस्ट पाको डेलूसिया द्वारा दोनों देशों की संस्कृतियों को संगीत के माध्यम से करीब लाने का उदाहरण भी दिया। सांचेज ने कहा, “यह कारखाना औद्योगिक उत्कृष्टता का प्रतीक होगा और भारत और स्पेन के बीच मजबूत साझेदारी का प्रमाण।”
यह इकाई भारत की रक्षा और अंतरिक्ष उद्योग में नए अध्याय को खोलेगी और रोजगार और समृद्धि का अवसर प्रदान करेगी। दोनों देशों की सरकारें इस परियोजना से अपने औद्योगिक और रक्षा संबंधों को और प्रगाढ़ करने की उम्मीद कर रही हैं।



