भोंडेकर ने भंडारा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने उन्हें मंत्री पद देने का वादा किया था, जो पूरा नहीं हुआ।
मुख्य बिंदु:
उन्होंने कहा कि वे भंडारा जिले के संरक्षक मंत्री बनकर विकास कार्यों में योगदान देना चाहते थे।
नवंबर 2020 के राज्य चुनाव में उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार को 38,000 से अधिक वोटों से हराया था।
रविवार को हुए कैबिनेट विस्तार में 39 विधायकों ने शपथ ली, जिसमें 16 नए चेहरे शामिल थे।
शिवसेना के खाते में 11 मंत्री पद गए, जबकि बीजेपी को 19 और एनसीपी को 9 पद मिले।
भोंडेकर की नाराजगी:
भोंडेकर ने कहा, “मैंने शर्त पर शिवसेना जॉइन की थी कि मुझे मंत्री बनाया जाएगा। शिंदे ने मुझसे वादा किया था।”
भोंडेकर ने पिछली सरकार के कैबिनेट विस्तार में भी अपने नाम पर विचार होने का दावा किया।
भोंडेकर का आरोप है कि भंडारा जिले में हमेशा बाहरी लोगों को संरक्षक मंत्री बनाया जाता रहा है।
उन्होंने इसे जिले की समस्याओं के समाधान में बाधा बताया।
आगे की योजना:
भोंडेकर ने कहा कि अब वे एक साधारण पार्टी कार्यकर्ता के रूप में सेवा देंगे।
उन्होंने पार्टी नेताओं को अपना इस्तीफा सौंप दिया है और उनके जवाब का इंतजार कर रहे हैं।


