आरोप है कि इस जवान ने ग्रेनेड फेंकने के आरोपी को ऑनलाइन प्रशिक्षण प्रदान किया था। यह गिरफ्तारी इस सनसनीखेज मामले की जांच में एक महत्वपूर्ण मोड़ है, जिससे हमले की साजिश और उसमें शामिल लोगों के बारे में नई जानकारी सामने आने की संभावना है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार जवान ने कथित तौर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से आरोपी के साथ संपर्क स्थापित किया था। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि जवान ने आरोपी को हैंड ग्रेनेड के इस्तेमाल और उसे फेंकने की तकनीक के बारे में विस्तृत ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि जवान का इस हमले के पीछे क्या मकसद था और क्या इस साजिश में कोई और व्यक्ति भी शामिल था।
इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है, खासकर सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और आपराधिक गतिविधियों में शामिल करने के प्रयासों को लेकर। गिरफ्तार जवान से पूछताछ जारी है, और पुलिस को उम्मीद है कि इस मामले से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं का भी खुलासा हो सकेगा। यह गिरफ्तारी साइबर सुरक्षा और सोशल मीडिया पर निगरानी की आवश्यकता पर भी प्रकाश डालती है ताकि इस तरह की आपराधिक गतिविधियों को रोका जा सके।



