इस बैठक में दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी की प्रगति पर व्यापक चर्चा की।
मुख्य बिंदु:
- रणनीतिक साझेदारी पर जोर: जयशंकर और सुलिवन ने दोनों देशों के बीच आर्थिक, सुरक्षा और प्रौद्योगिकी साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा की।
- बढ़ते संबंध: बैठक में भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग, क्वाड साझेदारी और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता पर बात हुई।
- शांतिपूर्ण दुनिया का लक्ष्य: दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों और वैश्विक शांति के प्रयासों पर सहमति व्यक्त की।
- आगामी वार्ता: जयशंकर, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और बाइडेन प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे।
- तकनीकी सहयोग: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाइमेट चेंज, और साइबर सुरक्षा में भारत-अमेरिका सहयोग को और गहरा करने के विषय पर भी चर्चा हुई।
जयशंकर का वक्तव्य:
जयशंकर ने कहा, “भारत और अमेरिका के बीच सहयोग वैश्विक शांति और प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है। हमारी बातचीत भविष्य में नई ऊंचाइयों को छूएगी।”
सुलिवन का बयान:
सुलिवन ने भारत को एक मजबूत साझेदार बताते हुए कहा कि दोनों देश मिलकर वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा:
बैठक में यूक्रेन युद्ध, आतंकवाद और ऊर्जा सुरक्षा जैसे अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
भारतीय समुदाय से मुलाकात:
जयशंकर अमेरिका में बसे भारतीय समुदाय के साथ भी संवाद करेंगे और उनकी भूमिका की सराहना करेंगे।
भारत-अमेरिका संबंधों में प्रगति:
- दोनों देशों के बीच 2024 में व्यापार में 20% की वृद्धि।
- रणनीतिक साझेदारी के तहत प्रमुख रक्षा उपकरणों की आपूर्ति।
- शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में सहयोग बढ़ा।
अगले कदम:
भारत और अमेरिका आने वाले समय में रणनीतिक वार्ता के नए दौर की तैयारी करेंगे।
निष्कर्ष:
भारत और अमेरिका के मजबूत संबंध वैश्विक स्थिरता और विकास के लिए अहम साबित हो रहे हैं। यह वार्ता दोनों देशों के बीच सहयोग को और प्रगाढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


