पंजाब में जालंधर लोकसभा उपचुनाव के लिए वोटिंग शुरू, 19 प्रत्याशी मैदान में
पंजाब के जालंधर लोकसभा सीट पर बुधवार को होने वाले मतदान की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी सिबिन सी ने मंगलवार की शाम चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि जालंधर में कुल 16 लाख 21 हजार 759 मतदाता हैं। उन्होंने कहा कि 19 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। पंजाब में जालंधर लोकसभा उपचुनाव के लिए भी कड़ी सुरक्षा की गई है। मतदान के लिहाज से राज्य की अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय सीमाओं पर जांच करने और कड़ी सतर्कता के लिए कहा गया है। नाके लगाए गए हैं और जगह-जगह गश्त भी की जा रही है। संवदेशनशील क्षेत्रों में पैरा मिलिट्री फोर्स ने गश्त के अलावा कई जगह पोजिशन भी ले ली है। पंजाब पुलिस ने कई जगह छापे मारकर अवैध शराब और अवैध शराब बनाने की सामग्री भी जब्त की है। कुछ जगह हेरोइन भी पकड़ी गई है। इस सिलसिले में 22 केस दर्ज किए गए हैं।यह उपचुनाव कांग्रेस सांसद संतोख सिंह चौधरी के निधन की वजह से हो रहा है। कांग्रेस फिर से सीट जीतने की उम्मीद कर रही है। वहीं, राज्य में सत्तारूढ़ ‘आप’ ने भी प्रचार में पूरी ताकत लगाई है। बीजेपी और अकाली दल ने भी प्रचार में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
1621800 वोटर्स
जालंधर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में कुल 16,21,800 मतदाता हैं, जिनमें 8,44,904 पुरुष और 7,76,855 महिलाएं और 41 ट्रांसजेंडर शामिल हैं। इस सीट पर उपचुनाव में चार महिलाओं समेत कुल 19 उम्मीदवार मैदान में हैं। मतगणना 13 मई को होगी
चार पार्टियों के बीच मुकाबले के आसार
जालंधर लोकसभा सीट के लिए बुधवार को होने वाले उपचुनाव में चतुष्कोणीय मुकाबला माना जा रहा है जहां आम आदमी पार्टी (आप), कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवारों ने जीत के लिए ताकत झोंक दी है। इस सीट पर कांग्रेस से दिवंगत संतोख सिंह चौधरी की पत्नी करमजीत कौर, कांग्रेस छोड़कर आप में आए पूर्व विधायक सुशील रिंकू और शिरोमणि अकाली दल छोड़कर भाजपा में आए दलित सिख इंद्र इकबाल सिंह मैदान में हैं। अकाली दल ने अपने दो बार के विधायक सुखविंदर कुमार सुक्खी को प्रत्याशी बनाया है।
सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी को उपचुनाव में जीत हासिल करने और लोकसभा में अपनी मौजूदगी सुनिश्चित करने की उम्मीद है। मार्च 2022 में बड़े बहुमत से पंजाब की सत्ता में आई आप को तीन महीने बाद ही संगरूर लोकसभा उपचुनाव में हार का सामना करना पड़ा था इसलिए उसके लिए यह चुनाव और अहम हो गया है।




