झारखंड पुलिस और एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वाड) की विशेष टीम अजरबैजान से उसे भारत लाने के लिए रवाना हो चुकी है। इस अभियान की अगुवाई एटीएस एसपी कर रहे हैं।
कौन है सुनील मीणा और क्यों है चर्चा में?
सुनील मीणा, जिसे मयंक सिंह के नाम से भी जाना जाता है, झारखंड और बिहार में अवैध हथियार तस्करी, रंगदारी, हत्या और अपहरण जैसे कई संगीन मामलों में वांछित है। वह अमन साहू गैंग का एक अहम सदस्य है, जो झारखंड में अपराध का बड़ा नेटवर्क चलाता है।
कैसे पहुंचा अजरबैजान?
सूत्रों के मुताबिक, झारखंड पुलिस को लंबे समय से सुनील मीणा के नेपाल के रास्ते विदेश भागने की आशंका थी। कुछ समय पहले इंटरपोल के सहयोग से मिली जानकारी के आधार पर, उसे अजरबैजान में ट्रैक किया गया। इसके बाद भारत सरकार ने अजरबैजान से उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू की।
अजरबैजान से भारत लाने की प्रक्रिया
झारखंड पुलिस और एटीएस की एक विशेष टीम दिल्ली होते हुए अजरबैजान रवाना हुई है। टीम में झारखंड एटीएस के वरिष्ठ अधिकारी और गृह मंत्रालय के कुछ प्रतिनिधि भी शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय कानूनों और प्रत्यर्पण संधि के तहत जल्द ही उसे भारत लाया जाएगा।
अमन साहू गैंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
झारखंड पुलिस ने पिछले कुछ महीनों में अमन साहू गैंग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू की है। कई गैंगस्टर गिरफ्तार किए गए हैं और उनके अवैध संपत्तियों को जब्त किया गया है। पुलिस को उम्मीद है कि सुनील मीणा की गिरफ्तारी के बाद गैंग की गतिविधियों पर और प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
क्या होगा आगे?
झारखंड पुलिस के अनुसार, सुनील मीणा को भारत लाने के बाद अदालत में पेश किया जाएगा और उसके खिलाफ चल रहे मामलों की सुनवाई तेज होगी। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि उसके विदेश भागने में किन लोगों ने मदद की और किनसे उसके संपर्क थे।
निष्कर्ष
इस बड़ी कार्रवाई से झारखंड पुलिस को अपराधियों के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण बढ़त मिलेगी। अब सबकी नजरें इस पर टिकी हैं कि सुनील मीणा कब तक भारत लाया जाता है और उस पर आगे क्या कार्रवाई होती है।



