Uncategorized

ब्रिक्‍स सम्‍मेलन में चीन के चरणों में गिरे दक्षिण अफ्रीकी राष्‍ट्रपति, पीएम मोदी के स्‍वागत को भेजा जूनियर मंत्री, घिरे

दक्षिण अफ्रीका में हो रहे ब्रिक्‍स शिखर सम्‍मेलन में मेजबान देश के राष्‍ट्रपति माटामेला सिरिल रामफोसा चीन के चरणों में गिर गए हैं। एक तरफ जहां चीन के सुर में सुर मिलाते हुए सिरिल रामफोसा ने ब्रिक्‍स के विस्‍तार का खुलकर समर्थन किया, वहीं पीएम मोदी के स्‍वागत के लिए एक कैबिनेट मंत्री को भेजा। इससे पहले दक्षिण अफ्रीकी राष्‍ट्रपति सिरिल रामफोसा ने खुद एयरपोर्ट पर जाकर चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग का स्‍वागत किया था। दक्षिणी अफ्रीकी मीडिया रिपोर्ट का दावा है कि भारत की ओर से इस कदम का कड़ा विरोध किया गया तो दक्षिण अफ्रीका के उप राष्‍ट्रपति पॉल मशाटिले को एयरपोर्ट पर पीएम मोदी के स्‍वागत के लिए भेजा गया।

दक्षिण अफ्रीकी राष्‍ट्रपति के इस दोहरे व्‍यवहार की काफी आलोचना हो रही है। दरअसल, ब्रिक्‍स के विस्‍तार को लेकर दक्षिण अफ्रीका और चीन एक साथ आ गए हैं। चीन के राष्‍ट्रपति ने भारत और ब्राजील के विरोध के बाद कहा है कि चीन के डीएनए में नहीं है कि वह आधिपत्‍य स्‍थापित करे। उन्‍होंने यह भी कहा कि ब्रिक्‍स के विस्‍तार में चाहे जितनी रुकावटें आए लेकिन यह होकर रहेगा। चीन ब्रिक्‍स को अमेरिका के नेतृत्‍व वाले जी7 देशों के संगठन के खिलाफ खड़ा करना चाहता है। चीन की कोशिश है कि अमेरिका विरोधी देशों को ब्रिक्‍स का हिस्‍सा बनाया जाए।

चीन के चक्‍कर में पीएम मोदी को ‘भूले’ दक्षिण अफ्रीकी राष्‍ट्रपति

भारत और ब्राजील ने खुलकर चीन के इस कदम का विरोध किया है। वहीं दक्षिण अफ्रीका के राष्‍ट्रपति ने एक बयान जारी करके कहा है कि उनका देश ब्रिक्‍स के विस्‍तार का समर्थन करता है। इस पूरे सम्‍मेलन में चीनी राष्‍ट्रपति की कोशिश हावी रहने की थी लेकिन भारत और ब्राजील के सख्‍त रुख के बाद उन्‍हें झटका लगा। आलम यह रहा है कि बिजनस फोरम में चीनी राष्‍ट्रपति खुद अपना भाषण पढ़ने नहीं आए। इसको लेकर पूरी दुनिया में अटकलों का बाजार गरम है। दक्षिणी अफ्रीकी अखबार dailymaverick की रिपोर्ट के मुताबिक सिरिल रामफोसा ने दक्षिण अफ्रीका के उप राष्‍ट्रपति को चीनी राष्‍ट्रपति के स्‍वागत के लिए लगा रखा था।

चीन के चरणों में क्‍यों गिरे राष्‍ट्रपति सिरिल रामफोसा

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने जब दक्षिण अफ्रीका के इस दोहरे चरित्र का विरोध किया तब जाकर दक्षिण अफ्रीका के उप राष्‍ट्रपति को एयरपोर्ट पर भेजा गया। दक्षिण अफ्रीका ने चीनी राष्‍ट्रपति के दौरे को राजकीय दौरे का दर्जा दिया हुआ है। शी को इससे पहले भी ब्रिक्‍स सम्‍मेलन के दौरान राजकीय अतिथि का दर्जा दिया गया था। दक्षिण अफ्रीकी अधिकारियों का दावा है कि सिड्यूल टकराने की वजह से पीएम मोदी के स्‍वागत के लिए कैब‍िनेट मिनिस्‍टर को भेजना पड़ा। यही नहीं दक्षिण अफ्रीका शी जिनपिंग को सर्वोच्‍च आधिकारिक सम्‍मान से भी नवाजने जा रहा है। बताया जा रहा है कि दक्षिण अफ्रीकी राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग को खुश करके चीन के साथ देश के भारी भरकम व्‍यापार घाटे को कम करना चाहते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button