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म्यांमार संकट पर भारत और संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत के बीच चर्चा.

नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासचिव के म्यांमार पर विशेष दूत जूली बिशप के साथ म्यांमार की तेजी से बदलती स्थिति पर चर्चा की।

दिल्ली में हुई बैठक
जूली बिशप इन दिनों भारत दौरे पर हैं। अप्रैल 2023 में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने उन्हें म्यांमार के लिए अपना विशेष दूत नियुक्त किया था।

एस जयशंकर ने ‘X’ पर दी जानकारी
जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी देते हुए कहा, “दिल्ली में म्यांमार पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव की विशेष दूत जूली बिशप से मुलाकात कर खुशी हुई। हमने सीमा स्थिरता, शरणार्थी स्थिति, म्यांमार से जुड़े अंतरराष्ट्रीय अपराध और आर्थिक समर्थन पर चर्चा की। साथ ही राजनीतिक हालात पर भी विचार-विमर्श किया।”

म्यांमार में लोकतंत्र की बहाली को लेकर प्रदर्शन जारी
गौरतलब है कि म्यांमार में 1 फरवरी 2021 को हुए सैन्य तख्तापलट के बाद से व्यापक हिंसक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, जिनमें लोकतंत्र बहाली की मांग की जा रही है।

सीमा क्षेत्र में हालात चिंताजनक
म्यांमार की सीमा से सटे भारत, चीन और बांग्लादेश के व्यापारिक मार्गों पर विद्रोही ताकतों का कब्जा बढ़ता जा रहा है।

भारत के लिए रणनीतिक महत्व वाला देश है म्यांमार
म्यांमार भारत का एक रणनीतिक पड़ोसी है और इसकी भारत के नगालैंड, मणिपुर सहित पूर्वोत्तर राज्यों के साथ 1,640 किलोमीटर लंबी सीमा साझा होती है।

भारत ने सीमाई सुरक्षा पर दिया जोर
सीमा पर जारी हिंसा और अस्थिरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जनवरी में भारत-म्यांमार सीमा पर बाड़ लगाने की योजना की घोषणा की थी।

आर्थिक सहयोग पर विचार
भारत म्यांमार में स्थिरता लाने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करने की दिशा में भी काम कर रहा है।

भारत का म्यांमार में निवेश जारी
भारत ने म्यांमार में आधारभूत संरचना, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में निवेश को गति देने का निर्णय लिया है।

संयुक्त राष्ट्र के साथ संवाद जारी
भारत ने म्यांमार संकट के समाधान के लिए संयुक्त राष्ट्र के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने पर बल दिया है।

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