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झारखंड में बढ़ने वाली है सीएम-मंत्रियों की सैलरी, जानिए कितना होगा इजाफा

झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सोमवार राज्य सरकार की ओर से सदन में द्वितीय अनुपूरक बजट पेश किया गया। वित्तमंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव ने विपक्षी विपक्षी दल बीजेपी के हंगामे के बीच वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए 8111 करोड़ रुपये से अधिक का दूसरा अनुपूरक बजट पेश किया। सत्र के दूसरे दिन बीजेपी विधायक रामचंद्र चंद्रवंशी की ओर से मुख्यमंत्री, मंत्री, मुख्य सचेतक और सचेतक के वेतन-भत्ते में बढ़ोतरी से संबंधित अनुशंसा की प्रति सभा पटल पर रखी गई। विशेष समिति की ओर से विधानसभा अध्यक्ष, विधानसभा उपाध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष के वेतन-भत्ते में भी बढ़ोतरी को लेकर अपनी अनुशंसा सरकार से की गई है। समिति की ओर से मुख्य सचेतक को मंत्री का दर्जा देने और उप सचेतक और सचेतकों को राज्यमंत्री का दर्जा देने की अनुशंसा की गई है।

8वीं बार वेतन-भत्ते में बढ़ोतरी की तैयारी

साल 2000 में झारखंड राज्य का गठन हुआ था। तब से ये आठवां मौका है, जब इन जनप्रतिनिधियों के वेतन-भत्ते में बढ़ोतरी की तैयारी की गई है। इससे पहले साल 2015 में तत्कालीन सीएम रघुवर दास के शासनकाल में सरकार ने इनके वेतन-भत्ते में बढ़ोतरी की थी। मुख्यमंत्री को अभी वेतन, क्षेत्रीय भत्ता और सत्कार भत्ता मिलाकर 2.30 लाख रुपये मिलते हैं। इसे बढ़ाकर 2.65 लाख रुपये प्रति माह करने की योजना है।

इसके अलावा राज्य के अंदर मिलने वाला प्रभारी भत्ता भी बढ़ाया गया है। वहीं राज्य से बाहर जाने पर 2500 से बढ़ाकर 4000 रुपये करने की सिफारिश की गई है। सीएम और मंत्री अपने साथ तीन सहयात्री को हवाई और शिप की यात्रा में साथ ले जा सकेंगे। उन्हें गाड़ी खरीद के लिए 4 फीसदी ब्याज पर 20 लाख तक का लोन मिल सकेगा। आवास के लिए भी 50 लाख तक का लोन 4 फीसदी ब्याज पर मिलेगा। इसके साथ एक्यूपमेंट और घर आदि अन्य की सुविधा मिलेगा।

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