यह कार्रवाई सिर्फ यात्रियों को पकड़ने से आगे बढ़कर, अमेरिका जाने के लिए कुख्यात ‘गधे के रास्ते’ (डोंकी रूट) के रहस्यों को भी उजागर करती है।
गिरफ्तार किए गए एजेंटों द्वारा अपनाई गई तरकीब चौंकाने वाली है। वे यात्रियों को वीजा ऑन अराइवल सुविधा प्रदान करने वाले देशों, जैसे कजाखस्तान और अजरबैजान के लिए फर्जी शेंगेन वीजा दिलाते थे। वहां से इन यात्रियों को संयुक्त राज्य अमेरिका की सीमा तक पहुँचाने के लिए कई सारे रास्ते अपनाए जाते थे, जिन्हें समग्र रूप से ‘डोंकी रूट’ के नाम से जाना जाता है।
इन रास्तों में से एक रास्ता इक्वाडोर से शुरू होता है, जहाँ से यात्रियों को कई बार बसों और कारों से, कभी-कभी खतरनाक समुद्री रास्तों से होते हुए लाया जाता है। एक यात्री, जिसे अमेरिका से वापस लाया गया था, उसने बताया कि उसे हिरासत में लिए जाने से पहले 11 महीने हिरासत केंद्र में बिताने पड़े थे।
डोंकी रूट एक लंबा, खतरनाक और गैरकानूनी रास्ता है। यह गिरफ्तारी भारतीय अधिकारियों के लिए एक बड़ी सफलता है और उम्मीद है कि इससे अवैध आव्रजन पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।



