यहां के मोनपा जनजाति के लोग और बौद्ध संस्कृति इसे एक आध्यात्मिक पहचान देते हैं।
मुख्य बातें:
ज़ेमिथांग भारत-चीन सीमा के पास स्थित आखिरी भारतीय गांव है।
यहां के पहाड़, ऐतिहासिक मठ और लोककथाएं इसे विशेष बनाते हैं।
पर्यटक यहां की शांति और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने आते हैं।
स्थानीय मोनपा जनजाति की जीवनशैली देखने का अनोखा अवसर मिलता है।
चीन की गतिविधियों को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बनी रहती है।
‘रेड चाइना’ को लेकर लोगों में डर का माहौल है।
चीन अरुणाचल प्रदेश पर समय-समय पर दावा करता रहा है।
भारतीय सुरक्षा बल हमेशा सतर्क रहते हैं और सीमा की निगरानी करते हैं।
लोगों का मानना है कि यह चीन की नहीं, तिब्बत की सीमा है।
यह वही रास्ता है, जिससे दलाई लामा भारत आए थे।
केंज़ामाने के पास सीमा पर सुरक्षा बलों का कैंप मौजूद है।
चीन की सेना ने कई बार भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश की।
स्थानीय लोगों के अनुसार, हर महीने 4-5 बार ऐसी घटनाएं होती हैं।
हाल ही में चीनी सैनिकों ने सीमा पार करने की कोशिश की थी।
भारतीय सैनिकों ने बातचीत कर उन्हें वापस लौटने के लिए मजबूर किया।
क्षेत्र के लोग चीन की गतिविधियों को लेकर सतर्क हैं।
बौद्ध समुदाय चीन की नीतियों से नाराज़ है।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रयास कर रही है।
ज़ेमिथांग को पर्यटन हब के रूप में विकसित किया जा सकता है।
भारतीय सुरक्षा बलों की चौकसी के कारण शांति बनी हुई है।



