कुछ लोग 84 बरस के हो जाते हैं, लेकिन रिटायरमेंट नहीं लेना चाहते, महाराष्ट्र में अजित पवार का शरद पवार पर तंज
अजित पवार ने एक बार फिर से अपने चाचा शरद पवार पर कटाक्ष कसा है। महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने शरद पवार की उम्र को लेकर उन पर परोक्ष रूप से तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग 80 वर्ष से ज्यादा उम्र के हो जाने पर भी राजनीति से रिटायरमेंट नहीं होना चाहते। अजित पवार ने ठाणे में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, ‘महाराष्ट्र सरकार के कर्मचारी 58 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होते हैं। ज्यादातर लोग 75 वर्ष की आयु के होने के बाद अपने सक्रिय पेशेवर जीवन को आमतौर पर रोक देते हैं। लेकिन कुछ ऐसे लोग (शरद पवार जैसे) भी हैं जो 80 वर्ष की आयु को पार कर और अब 84 वर्ष के होने पर भी सेवानिवृत्ति के लिए तैयार नहीं हैं।’ यह पहली बार नहीं है जब अजित पवार ने शरद की उम्र और पार्टी पदाधिकारी पद छोड़ने को लेकर तंज कसा हो। एनसीपी से अलग होने के बाद से वह कई बार शरद पवार पर निशाना साध चुके हैं।
अजित पवार और उनके प्रति निष्ठा रखने वाले कुछ विधायक पिछले साल जुलाई में शिंदे शिवसेना-बीजेपी सरकार में शामिल हुए थे। इसके बाद, उन्होंने एनसीपी के नाम और चुनाव चिह्न पर दावा किया था। इस कदम को एनसीपी संस्थापक शरद पवार ने निर्वाचन आयोग में चुनौती दी थी।
मनोज जरांगे को चेतावनी
अजित पवार ने कहा, ‘हम यहां काम करने के लिए हैं और हम काम करेंगे।’ उन्होंने कहा कि वह लोगों की सेवा करने के लिए राज्य सरकार में शामिल हुए हैं।
मराठा समुदाय को आरक्षण के लिए चलाये जा रहे आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कार्यकर्ता मनोज जरांगे को परोक्ष रूप से चेतावनी देते हुए अजित ने कहा कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
चाचा से बना रहे दूरी
एक दिन पहले ही पुणे के संरक्षक मंत्री अजित पवार पिंपरी चिंचवाड़ में एक कार्यक्रम में नहीं पहुंचे थे। इस प्रोग्राम में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, एनसीपी संस्थापक शरद पवार और अन्य मौजूद थे लेकिन चाचा के मंच पर होने के चलते अजित इसमें नहीं पहुंचे थे।
ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि अजीत पवार अपने चाचा शरद पवार के साथ मंच साझा करने से बचने के लिए जानबूझकर समारोह में शामिल नहीं हुए।
इससे पहले भी एनसीपी में फूट के बाद अजीत पवार ने पवार के साथ मंच साझा किया था, लेकिन उनसे बात नहीं की थी। शनिवार को पिंपरी चिंचवाड़ में उपस्थित होने के बावजूद वे सम्मेलन से दूर रहे।



