इससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। हालांकि, प्रशासन ने ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने में सफलता हासिल की है और शोर का स्तर 39 डेसीबल तक सीमित रखा गया है।
बढ़ते प्रदूषण के कारण प्रशासन को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने प्रदूषण को कम करने के लिए कई उपाय किए हैं, जैसे कि लोगों को मास्क पहनने के लिए प्रेरित करना, वाहनों की संख्या को सीमित करना और कूड़ेदानों की संख्या बढ़ाना।
हालांकि, इन उपायों के बावजूद भी प्रदूषण का स्तर कम नहीं हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की संख्या और वाहनों की अधिकता के कारण प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है।


