उत्तर कोरिया ने सोमवार को आधिकारिक तौर पर पुष्टि की कि उसने रूस को यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में सहायता करने के लिए सैनिक भेजे हैं।
उत्तर कोरिया की सेंट्रल मिलिट्री कमीशन ने एक बयान में कहा कि देश के नेता किम जोंग उन ने आपसी रक्षा संधि के तहत रूस को लड़ाकू सैनिक भेजने का निर्णय लिया है। यह कदम रूस और उत्तर कोरिया के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग को दर्शाता है।
सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के बयान के अनुसार, इन सैनिकों को विशेष रूप से युद्ध संबंधी कार्यों में रूस का समर्थन करने के लिए भेजा गया है। हालांकि, सैनिकों की संख्या और उनकी तैनाती के विशिष्ट स्थानों के बारे में कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है। उत्तर कोरिया का यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी चिंताएं पैदा कर सकता है, क्योंकि यह यूक्रेन में चल रहे संघर्ष को और अधिक जटिल बना सकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर कोरिया का यह कदम रूस के साथ अपने राजनीतिक और सैन्य संबंधों को मजबूत करने की इच्छा का परिणाम है। बदले में, उत्तर कोरिया रूस से आर्थिक और तकनीकी सहायता की उम्मीद कर सकता है। इस घटनाक्रम पर संयुक्त राज्य अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों की प्रतिक्रिया पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं, जो पहले से ही रूस को सैन्य सहायता प्रदान करने के लिए उत्तर कोरिया की आलोचना करते रहे हैं।



